रामनगर। कोरोना महामारी के दौरान मरीजों की सांसों का सहारा बना ऑक्सीजन प्लांट तो बंद हो चुका है लेकिन उसके बिजली के मीटर की सांसें चल रही हैं। करीब डेढ़ साल से निष्क्रिय पड़े रामदत्त जोशी संयुक्त चिकित्सालय के ऑक्सीजन प्लांट का 42 हजार रुपये से अधिक का बिजली बिल आने से अस्पताल प्रशासन हैरान है। अब अस्पताल ने उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर प्लांट का बिजली कनेक्शन काटने की अनुमति मांगी है।
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान खनन न्यास की ओर से करीब 2.90 करोड़ रुपये की लागत से अस्पताल परिसर में 500 एलपीएम क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किया गया था। इस प्लांट से अस्पताल के 100 बेड ऑक्सीजन आपूर्ति प्रणाली से जोड़े गए थे। जनवरी 2025 से प्लांट का संचालन पूरी तरह बंद पड़ा है। इसके बावजूद बिजली के फिक्स्ड लोड और अन्य शुल्क के चलते अस्पताल के नाम 42 हजार रुपये से अधिक का बिजली बिल जारी हो गया। संवाद
18 लाख की देनदारी बनी संचालन में बाधा
जानकारी के अनुसार, प्लांट निर्माण के बाद करीब 18 लाख रुपये की देनदारी लंबित रहने के कारण संबंधित ठेकेदार ने जनवरी 2025 से इसका संचालन बंद कर दिया। प्रशिक्षित तकनीकी कर्मचारियों की कमी, नियमित रखरखाव का अभाव और उपयोग न होने से प्लांट लंबे समय से निष्क्रिय पड़ा है। हालांकि बिजली कनेक्शन चालू रहने के कारण अस्पताल को हर महीने फिक्स्ड चार्ज और अन्य शुल्क का भुगतान करना पड़ रहा है।
ऑक्सीजन प्लांट का 42 हजार रुपये का बिजली बिल आया है। प्लांट का बिजली कनेक्शन काटने की अनुमति के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा गया है। अनुमति मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. तपन शर्मा, सीएमएस, रामदत्त जोशी संयुक्त चिकित्सालय, रामनगर