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Nainital: सात लोगों की मौत के बाद भी...काल बनकर दौड़ रहे ओवरलोड वाहन, पांच सीटर गाड़ी में ठूंसे मिले 15 यात्री

Fri, 07 Jun 2024 07:23 AM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल

सार

भीमताल, भवाली, ओखलकांडा, गरमपानी, बेतालघाट और धारी मार्ग पर टैक्सी वाहनों में ओवरलोडिंग को लेकर अभियान चलाया तो अभियान में यात्रियों के ठूसा-ठूसा होने के साथ वाहन के ऊपर भी ओवरलोड सामान रखा मिला।
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वाहन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पतलोट हादसे में सात यात्रियों की मौत के बाद भी बृहस्पतिवार को पर्वतीय और मैदानी इलाकों में ओवरलोड वाहन धड़ल्ले से दौड़ते नजर आए। बृहस्पतिवार को पतलोट में 14 यात्रियों से ठूसा ठूस मैक्स वाहन अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरा। हादसे में सात यात्रियों की मौत और सात यात्री घायल हो गए थे। अमर उजाला ने भीमताल, भवाली, ओखलकांडा, गरमपानी, बेतालघाट और धारी मार्ग पर टैक्सी वाहनों में ओवरलोडिंग को लेकर अभियान चलाया तो अभियान में यात्रियों के ठूसा-ठूसा होने के साथ वाहन के ऊपर भी ओवरलोड सामान रखा मिला। वहीं खनस्यू में पुलिस थाने से महज एक किमी पहले पांच सीटर पास कैंपर वाहन में 15 यात्री ठूसे हुए मिले। धारी एसडीएम केएन गोस्वामी ने कैंपर यूके04टीबी5610 को रोककर वाहन को सीज किया। साथ ही चालक का लाइसेंस और वाहन परमिट निरस्त करने के लिए आरटीओ को पत्र लिखा है।

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कैंपर में 15 यात्रियों के भरे होने से पता चलता है की वाहन चालकों को हादसे के दूसरे दिन भी पुलिस और परिवहन विभाग का भय नहीं है। साथ ही पुलिस और परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली में सवाल खड़े हुए हैं। अमर उजाला की ओर से भीमताल से जंगलियागांव जाने वाले मार्ग पर पड़ताल की गई तो उक्त मार्ग पर यात्रियों की संख्या नियमानुसार मिली। डांठ में एक सैलानियों के टैक्सी वाहन में यात्री तो सही पाए गए पर वाहन के ऊपर रखा सामान ओवरलोड देखने को मिला। वहीं खुटानी से धानाचूली की ओर आवाजाही करने वाले मैक्स वाहनों में अधिकतम दस यात्री सवार नजर आए साथ ही वाहनों के ऊपर अधिक मात्रा में सामान रखा हुआ मिला। इधर गरमपानी, खैरना और बेतालघाट क्षेत्र में भी टैक्सी वाहनों में यात्री तो सीमित मिले लेकिन वाहनों की छतों पर ओवरलोड सामान देखने को मिला। भवाली-नैनीताल मार्ग और अल्मोड़ा मार्ग में टैक्सी वाहनों में यात्री अधिक बैठे हुए मिले। लेकिन पुलिस की ओर से कोई विशेष चेकिंग अभियान नहीं देखने को मिला। भीमताल से हल्द्वानी मार्ग पर आवाजाही करने वाले टैक्सी वाहनों में यात्री सीमित मिले लेकिन छतों पर सामान अधिक रखा हुआ मिला।

ओवरलोडिंग को लेकर पुलिस और परिवहन विभाग को चेकिंग अभियान चलाना चाहिए ताकि सड़क हादसों पर अंकुश लग सके। बृहस्पतिवार को एक कैंपर में 15 लोग मिलने पर वाहन को सीज किया है। साथ ही लाइसेंस और वाहन परमिट को निरस्त करने के लिए कहा गया है।

 

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पहाड़ को जा रहे ओवरलोड वाहन
रामनगर से पहाड़ को जाने वाले वाहन ओवरलोड चल रहे है। ओवरलोड वाहनों पर लगाम लगाने में परिवहन विभाग नाकाम नजर आ रहा है। ओवरलोड वाहनों से हो रहे हादसों से भी सबक लेने को तैयार नहीं है।

 

रामनगर से पौड़ी, थैलीसैण, बीरोखाल, रसिया महादेव, देघाट, धूमाकोट, नैनीडांडा, शंकरपूर, गौलीखाल, रानीखेत, भतरौजखान, बेतालघाट, चौखुटिया, द्वाराहाट, बागेश्वर, अल्मोड़ा, गैरसैण आदि स्थानों को निजी बसें व रोडवेज की बसें संचालित होती है। इसके अलावा गढ़वाल क्षेत्र के गौलीखाल, थैलीसैण, पौड़ी, धूमाकोट आदि क्षेत्रों के लिए मैक्स भी चलती है। गढ़वाल को जाने वाली मैक्स ओवरलोड होकर चलती है। परिवहन विभाग की ओर से इनकी चेकिंग ना के बराबर होती है। ऐसे में मैक्स चालक मनमानी करते हुए अत्यधिक सवारियों को बैठाकर ले जाते है। ऐसे में हादसा होने का खतरा बना रहा है। दूसरी ओर, रामनगर के एआरटीओ संदीप वर्मा ने बताया ओवरलोड वाहनों की समय-समय पर चेकिंग होती है। ओवरलोड मिलने पर वाहनों के चालान भी किये जाते है। अभियान चलाकर परिवहन विभाग कार्रवाई कर रहा है।
 

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रोडवेज का होता संचालन तो ओवरलोडिंग पर लगता अंकुश
हल्द्वानी से काठगोदाम-हैड़ाखान होते हुए पतलोट-खनस्यू और ओखलकांडा मार्ग में रोडवेज बसों के संचालन नहीं होने से यात्रियों को टैक्सियों में अतिरिक्त किराए के साथ जान जोखिम डालकल सफर करना पड़ रहा है। परिवहन विभाग की ओर से अगर हल्द्वानी से ओखलकांडा मार्ग पर रोडवेज बस का संचालन किया जाएगा तो यात्रियों को सुखद यात्रा का लाभ मिलेगा। साथ ही टैक्सी वाहनों में ओवरलोडिंग की समस्या से भी निजात मिल सकेगी।

हल्द्वानी से काठगोदाम-हैड़ाखान मार्ग होते हुए यात्री पतलोट-खनस्यू मार्ग पर टैक्सी से आवाजाही करने को मजबूर हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों की ओर से परिवहन विभाग से रोडवेज बस के संचालन की मांग की जा रही है। लेकिन बस का संचालन नहीं होने से टैक्सी वाहन चालकों की ओर से हल्द्वानी से पतलोट तक 100 से 150 रुपये तक लिए जाते हैं। इससे यात्रियों के जेब में अतिरिक्त भार पड़ता है। स्थानीय लोगों ने उक्त मार्ग पर रोडवेज बस का संचालन शुरू कराने की मांग की है।

 
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