समाज कल्याण निदेशक विष्णु सिंह धानिक ने शनिवार को निदेशालय सभागार में बैठक कर विभागीय योजनाओं की समीक्षा की। निदेशक ने कहा कि किसी भी दशा में वित्तीय वर्ष समाप्ति पर बजट समर्पण होने पर संबंधित जनपद का दायित्य निर्धारित किया जायेगा।
प्रगति शून्य होने पर जिला समाज कल्याण अधिकारी, टिहरी अविनाश भदौरियॉ से स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिये हैं। इसके साथ ही सरकारी सेवा में होते हुए विकलांग पेंशन लेने वाले पांच लाभार्थियों से भुगतान की राशि वापस लेने के आदेश दिए गए हैं।
बैठक में छात्रवृत्ति योजना, गौरा देवी कन्याधन योजना, शादी/बीमारी, अटल आवास योजना के साथ साथ मुख्य मंत्री द्वारा की गयी घोषणाओं की समीक्षा की गई। पेंशन योजनाओं में जनपदों द्वारा सूचित लाभार्थियों की संख्या एवं विभागीय वेबसाइट में प्रदर्शित संख्या में भिन्नता के संबंध में चर्चा की गयी।
जनपद हरिद्वार में पेंशनर्स की संख्या में 16000 का अंतर पाये जाने पर निदेशक द्वारा खेद व्यक्त करते हुये निदेशालय स्तर से तत्काल ऑडिट कर रिपोर्ट प्रस्तुत किये जाने के निर्देश दिये गये। समस्त पेंशनर्स को पेंशन की तीसरी किश्त का शत प्रतिशत भुगतान किये जाने एवं जनपदों में उपलब्ध अवशेष धनराशि से चौथी किश्त के भुगतान किये जाने के निर्देश दिये गये।
जनपद वार समीक्षा में पाया गया कि जनपद पौड़ी में विधवा पेंशनर्स में कम प्रगति एवं जनपद टिहरी की समस्त पेंशन योजना में शून्य प्रगति पर निदेशक ने असंतोष व्यक्त करते हुए जिला समाज कल्याण अधिकारी, टिहरी अविनाश भदौरियॉ से स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिये।
सोशिल ऑडिट के संबंध में जनपदवार समीक्षा की गयी। जनपद टिहरी में वृ़द्वावस्था पेंशन में 2 महिलाओं द्वारा वृद्धावस्था पेंशन के साथ-साथ विधवा पेंशन भी लिये जाने का प्रकरण प्रकाश में आया है।
इसके साथ ही विकलांग पेंशन योजनांतर्गत पांच व्यक्तियों प्रवीन सिंह, छोल गांव, जाखणीधार, विजय कुमार वडील, फकोट, दिनेश, सादणा, जाखणीधर, प्रशांत कुमार, रतनमणी, वाडाचक, जौनपुर मुकेश, मंगसू गांव, कीर्तिनगर सरकारी सेवा में कार्यरत पाये गये है। इनसे भुगतान की गयी धनराशि तुरंत वसूलने के आदेश दिये गये। बैठक में सभी जिलों के अधिकारी मौजूद रहे।