फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आंदोलन का असर: किसी रूट पर चलीं आधी बसें...तो किसी पर रहा एकदम टोटा, फिर निगम और संगठन का हुआ समझौता

Thu, 24 Oct 2024 10:07 AM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, हल्द्वानी

सार

अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी करने, बसों की संख्या बढ़ाने समेत कुछ अन्य मांगों के लिए मंगलवार रात से कार्य बहिष्कार का एलान किया गया था। निगम से संगठन का समझौता होने के बाद देर शाम इसकी जानकारी मिलने पर रोडवेज बसों का संचालन शुरू कर दिया गया। 
विज्ञापन
हल्द्वानी बस स्टेशन पर कार्य बहिष्कार के दौरान मौजूद संयुक्त मोर्चा के कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

 

 

उत्तराखंड परिवहन निगम कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के प्रदेशव्यापी आह्वान पर बुधवार को हल्द्वानी और काठगोदाम डिपो के कर्मचारियों ने भी कार्य बहिष्कार किया। दिल्ली, जयुपर, नैनीताल रूट पर आधी बसें ही चलीं। वहीं मथुरा, गुरुग्राम, चंडीगढ़, लखनऊ, पिथौरागढ़ आदि रूट पर कोई बस लेकर नहीं गए। हालात को संभालने के लिए अधिकारी स्टेशन की दौड़ लगाते रहे।

अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी करने, नैनीताल बस स्टेशन पर स्वामित्व पाने, बसों की संख्या बढ़ाने समेत कुछ अन्य मांगों के लिए मंगलवार रात से कार्य बहिष्कार का एलान किया गया था। इसी के चलते संयुक्त मोर्चा में शामिल उत्तराखंड रोडवेज कर्मचारी यूनियन, उत्तराखंड रोडवेज इंप्लाइज यूनियन और रोडवेज एससीएसटी श्रमिक संघ ने बुधवार को कार्य बहिष्कार किया।

आंदोलन के चलते यात्रियों को काफी परेशानी हुई। बसें न चलने से लोग डग्गामार वाहनों के भरोसे रहे। कर्मचारी सुबह काठगोदाम डिपो पहुंचे, फिर दोपहर बाद हल्द्वानी बस स्टेशन आकर उन्होंने जमकर नारेबाजी की। उत्तराखंड इंप्लाइज यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष मुकेश वर्मा, रोडवेज एससीएसटी श्रमिक संघ के क्षेत्रीय अध्यक्ष भगवान दास, नितिन दीक्षित, इकबाल अहमद, मनोज्ञ भट्ट समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।

एआरएम सुरेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि आंदोलन का बड़ा असर पड़ा। अन्य यूनियन के कर्मचारियों की मदद से व्यवस्था संचालन का सुबह से ही प्रयास किया गया। दोपहर बाद निगम से संगठन का समझौता होने के बाद देर शाम इसकी जानकारी मिलने पर रोडवेज बसों का संचालन शुरू कर दिया गया। जिन रूटों में शाम को संचालन होना था, वहां बसें गईं। इनमें जयपुर, हिसार, आगरा, लखनऊ, चंडीगढ़, गुरुग्राम, देहरादून, दिल्ली और फरीदाबाद रूट शामिल रहे।

इन रूटों पर नहीं चलीं बसें

विज्ञापन

हल्द्वानी बस स्टेशन से गुरुग्राम, मथुरा, आगरा, कानुपर, लुधियाना, चंडीगढ़, हिसार, गंगोलीहाट, पिथौरागढ़, कोटद्वार, टनकपुर के लिए कोई बस नहीं चली।

यहां आधी-अधूरी बसें गईं
शहर से नैनीताल, दिल्ली, बरेली, देहरादून आदि के लिए आधी-अधूरी बसें संचालित हुईं। वहीं दिल्ली जाने वाली सीएनजी की 20 बसें पूर्ववत संचालित हुईं।

पूरे प्रदेश में कार्य बहिष्कार 90 प्रतिशत सफल रहा। संयुक्त मोर्चे के सभी कर्मचारियों और घटक दलों के प्रयास से सभी मांगों पर आश्वासन मिला है। मांगें पूरी न होने पर शासन-निगम प्रबंधन पर मिलकर दबाव बनाएंगे।

विज्ञापन

 - कमल पपनै, संयोजक, संयुक्त मोर्चा।

पूरे दिन परेशान रहे यात्री-

बरेली जाने के लिए मैंने रोडवेज बस स्टैंड पर डेढ़ घंटे इंतजार किया। बाद में पता चला कि रोडवेज की हड़ताल है। प्राइवेट वाहन वाले मनमाना किराया मांग रहे थे।
- सचिन शर्मा

मैं नैनीताल घूमने आया था, लेकिन बस ही नहीं मिली। कैब वाले ज्यादा रुपये मांगते रहे। पहले से हड़ताल की जानकारी नहीं मिल पाई थी, वरना मैं बाद में ही आता।
- पिंटू कुमार

आंदोलन के कारण सुबह से परेशानी रही। कोई बस चलने को तैयार हुई तो थोड़ी ही देर बाद उसे रद्द कर दिया गया। प्राइवेट वाहनों में भीड़ ज्यादा होने से परेशानी दिखी।
- मोनू प्रजापति

मुझे चंडीगढ़ जाना था, लेकिन कोई बस नहीं मिली। वहां के लिए कोई ट्रेन भी नहीं है। प्राइवेट बस भी सीधे नहीं मिली। एक दिन हल्द्वानी में ही रुकने को मजबूर होना पड़ा।
-सुमित कुमार

एक दिन में आठ लाख रुपये का घाटा
हल्द्वानी और काठगोदाम डिपो की कई रोडवेज सेवाएं आंदोलन के कारण प्रभावित रहीं। इस कारण हल्द्वानी को करीब तीन लाख और काठगोदाम डिपो को करीब पांच लाख रुपये का घाटा हुआ है।

विज्ञापन

-सुरेंद्र सिंह बिष्ट, एआरएम
 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें