हाईकोर्ट ने पुलिस अधीक्षक टिहरी को आदेश दिए हैं कि वह श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय के गेट पर लगे ताले 24 घंटों के भीतर खुलवाएं और विवि को सुरक्षा प्रदान करें। कोर्ट ने मामले में दायर याचिका का निस्तारण करते हुए कहा है कि जो एफआईआर श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय की ओर से दी गई है उस पर भी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए।
मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय के छात्र विभिन्न मागों को लेकर आंदोलन पर हैं और विवि में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। 16 सितंबर को छात्र नेताओं ने गेट पर ताला लगा दिया था। छात्र नेताओं के इस रवैये के खिलाफ श्रीदेव सुमन विवि ने हाईकोर्ट की एकलपीठ के समक्ष याचिका दाखिल की थी। एकलपीठ ने इस मामले पर नोटिस जारी किए थे।
इसके बाद विवि की ओर से खंडपीठ के समक्ष स्पेशल अपील दायर कर कहा गया कि छात्रों के गेट पर ताला लगाने से पूरा काम प्रभावित हो रहा है जिससे बीएड काउंसलिंग नहीं हो पा रही है। स्पेशल अपील में कहा गया कि परीक्षा परिणाम भी जारी नहीं हो पा रहा है।
स्पेशल अपील में गेट पर लगे ताला खुलवाने के साथ सुरक्षा की मांग की गई थी।
पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने एसपी टिहरी को आदेश दिया है कि 24 घंटों के भीतर विश्वविद्यालय के गेट पर लगे ताले को खुलवाएं और विवि को सुरक्षा प्रदान करें। कोर्ट ने याचिका का निस्तारण करते हुए कहा है कि जो एफआईआर श्रीदेव सुमन विवि की ओर से दी गई है उस पर भी कानूनी कार्यवाही अमल में लाएं।