नैनीताल। न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट सिविल जूनियर डिविजन उर्वशी रावत की न्यायालय ने फर्जी आय प्रमाणपत्र तैयार करने के आरोपी बेतलाघाट निवासी दीपक को दोषी करार दिया है। आरोपी को एक वर्ष का कारावास और तीन हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय को बताया गया कि नाबालिग की ओर से नंदा गौरा योजना के तहत अनुचित लाभ प्राप्त करने के इरादे से अपने पिता के आय प्रमाणपत्र में हेरफेर करते हुए कूटरचित जाली प्रमाणपत्र तैयार कराया। वास्तविक प्रमाणपत्र में पिता की आय 75000 रुपये थी जबकि योजना का लाभ लेने के लिए उसे 72000 रुपये करवाया गया। बेतालघाट थाने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस विवेचना में कूटरचित दस्तावेज तैयार करने में आरोपी दीपक गोस्वामी निवासी बेतालघाट का नाम भी सामने आया था।