हल्द्वानी। यह उन युवकों का समूह था जो देश की सीमाओं की सुरक्षा का सपना संजोये हैं। इसके लिए सुबह-शाम जीजान से जुटे थे। उन्हें लगा कि नई व्यवस्था से सपने पूरे होने में दिक्कत आ सकती है। वे इन चिंताओं और नाराजगी के साथ सड़क पर उतर आए। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी उन्हें समझाते रहे, हर अच्छे और खराब पहलू को बताते रहे। पर युवाओं के आक्रोश के आगे समझाने की बात फीकी रही। फोर्स में जाने का सपना लिए इनमें कई युवा पुलिस की लाठी खाकर घर लौटे तो कई पुलिस की हिरासत में पहुंच गए। प्रदर्शन में विभिन्न स्थानों के युवा पहुंचे थे। इन युवकों से बात हुई तो उन्होंने अपनी समस्याओं और मांगों को साझा किया।
-डेढ़ साल से लिखित परीक्षा नहीं हुई
प्रदर्शन में शामिल पवन का कहना था कि डेढ़ साल से आर्मी भर्ती की लिखित परीक्षा नहीं हुई है। हमें इंतजार करने का फल अग्निपथ योजना के रूप में मिला है। कहा कि हम इस योजना से सहमत नहीं है। भर्ती पुरानी प्रक्रिया के अनुसार ही होनी चाहिए।
-घर वाले फौज में भर्ती होने का सपना देख रहे हैं
धीरज जोशी का कहना था कि पहली बार आर्मी की लिखित परीक्षा दी थी। साल भर परीक्षा के लिए कड़ी मेहनत की थी। अंत में परीक्षा को रद्द कर दिया गया है। मेरे घर में किसी अन्य के पास रोजगार नहीं है। घरवालों को बड़ी उम्मीदें हैं कि बेटा फौज में भर्ती होगा, अब कैसे उन्हें समझाऊं।
-तीन साल से कर रहे तैयारी
विक्रम सिंह का कहना है कि तीन साल से आर्मी की तैयारी कर रहा हूं। आर्मी की लिखित परीक्षा पांच बार स्थगित हो चुकी है। अब आगे परीक्षा को लेकर संशय बना हुआ है। यह स्थिति ठीक नहीं है। पहले कोरोना के कारण परीक्षा स्थगित कर दी गई थी जबकि उसी अवधि में चुनाव करा लिए गए।
-परीक्षा कराई जाए, आयु सीमा में छूट मिले
विवेक, देवेंद्र और राहुल का कहना है कि स्थगित की गई परीक्षा को कराया जाए। कोरोना के कारण भर्ती प्रक्रिया न होने के कारण आवेदक की आयु सीमा में छूट दी जानी चाहिए। नई योजना का क्रियान्वयन स्थगित किया जाए। भर्ती को लेकर पहले भी मांग उठा चुके हैं।
युवाओं की बात सुननी चाहिए
देवेंद्र सिंह का कहना है कि जो प्रदर्शनकारी बात को रख रहे हैं, उनकी बात को सुनना चाहिए। सभी पहलू को विचार किया जाना चाहिए। इसके कारण नीति नियंताओं को खामियाजा भुगतना पड़ेगा। शंकर कोरंगा और पवन बिष्ट का कहना कि दो साल से लिखित परीक्षा के लिए इंतजार कर रहे हैं और अब परीक्षा स्थगित कर दी गई है।
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