रामनगर। विगत दिनों तराई पश्चिमी वन प्रभाग के बैलपड़ाव रेंज के दाबका क्षेत्र में बहू व ससुर को मारने के बाद पकड़े गए बाघ की मौत जांच करने के लिए एनटीसीए की टीम रामनगर पहुंची। मंगलवार सुबह घटनास्थल का मुआयना करने के बाद कालाढूंगी व चूनाखान मेें भी अभियान में लगे वनकर्मियों से पूछताछ की, जांच बुधवार को भी जारी रहेगी।
मंगलवार को एनटीसीए की तीन सदस्यीय टीम में डीआईजी संजय कुमार पाठक, निशांत वर्मा के साथ ही डिप्टी डायरेक्टर वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो राजेश्वर सिंह ठाकुर ने सुबह 9:30 बजे रामनगर वन प्रभाग के गेस्ट हाउस में तराई पश्चिमी वन प्रभाग की डीएफओ कहकशां नसीम से घटना के बारे में विस्तार से चर्चा की।
कहकशां नसीम ने घटना के दिन के फोटोग्राफ, वीडियो और अपनी रिपोर्ट एनटीसीए के सदस्यों को सौंपी। टीम ने दाबका में स्थित घटनास्थल का भी मुआयना किया और साक्ष्य जुटाए। टीम ने ग्रामीणों से भी पूछताछ की। इसके बाद वह सीधा कालाढूंगी की ओर रवाना हो गए। यहां घायल बाघ को दूसरी गाड़ी में शिफ्ट कर नैनीताल भेजा गया था इसकी भी जांच की गई। टीम ने रेस्क्यू करने वाले वनकर्मियों और नैनीताल जू के डॉक्टर योगेश भारद्वाज से भी अलग-अलग पूछताछ की।
बुधवार को भी कुछ लोगों से पूछताछ करने के बाद टीम तीन दिन के अंदर अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपेगी। क्या अभियान में जेसीबी का प्रयोग उचित था के सवाल पर निशांत वर्मा ने बताया कि सामान्यत: अभी तक ऐसा नहीं देखा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मौत के कारणों का अध्ययन किया जा रहा है। बाघ की पोस्टमार्टम रिपोर्ट मंगलवार को विभाग को सौंप दी गई है। डीएफओ कहकशां नसीम ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ऑक्सीजन की कमी और अत्यधिक खून बहने से बाघ की मौत का कारण बताया गया है।