अब स्ट्रीट लाइट जलाने और बुझाने के लिए मशक्कत नहीं करनी पड़ेगी। उत्तराखंड पावर कारपोरेशन ने एक ऐसा साफ्टवेयर तैयार किया है, जिसमें टाइमर लगा है। टाइमर सेट करने के साथ ही लाइट खुद ही जलेंगी और सुबह बुझ जाएंगी। ये प्रयोग देहरादून में शुरू हो गया है और दो माह के भीतर हल्द्वानी में भी शुरू हो जाएगा।
हल्द्वानी शहर में लगभग छह हजार स्ट्रीट लाइटें हैं। एक माह का स्ट्रीट लाइटों का बिल लगभग चार से पांच लाख रुपये आता है। वर्ष में लगभग साठ लाख रुपये का बिल आता है। पहले से बसी आबादी वाले क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइट में वायर पड़ा हुआ है और ट्रांसफार्मर के पास ऑन-ऑफ स्विच लगा है।
जबकि नई बसी आबादी क्षेत्र में बिजली के पोल से तार खींचा गया है और स्विच भी पोल पर ही लगा है। पावर कारपोरेशन ने अभी 99 प्वाइंट से स्ट्रीट लाइट का कनेक्शन नगर निगम को दे रखा है। स्विच बंद न करने पर कई जगह दोपहर में भी स्ट्रीट लाइट जलती रहती है।
ऊर्जा का संकट झेल रहे ऊर्जा प्रदेश में बिजली बचत के लिए हल्द्वानी में नया साफ्टवेयर लगाने की तैयारी चल रही है। मीटरिंग के साथ इसमें टाइमर भी लगाया गया है।
इसे स्मार्ट स्ट्रीट लाइट कंट्रोलर का नाम दिया गया है। इसमें स्वचलित कटआउट भी लगे हैं। जो प्रोग्रामिंग के हिसाब से (टाइमिंग सेट करने पर) स्ट्रीट लाइट को ऑफ/ऑन करेंगे।