नैनीताल। नैनीताल विधानसभा सीट पर दल-बदल कर दूसरे दलों में शामिल हुए नेताओं के सामने पार्टी और संगठन के साथ तालमेल बनाने में परेशानी हो रही है। नैनीताल विधानसभा क्षेत्र में अधिकांश उम्मीदवारों ने दल बदल कर दूसरे दलों से दावेदारी की है। प्रत्याशियों को पुराने साथियों को छोड़कर नए साथियों के साथ सामंजस्य बनाना है।
विधानसभा चुनाव से पूर्व कई नेता भाजपा छोड़ कांग्रेस में तो कई कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए हैं। दल बदलकर दावेदारी पेश करने वाले उम्मीदवारों ने हाईकमान से टिकट लेकर उन्हीं के प्रत्याशियों की मेहनत पर पानी फेरा है। कांग्रेस से टिकट न मिलने पर पूर्व विधायक सरिता आर्य भाजपा में शामिल हुईं और टिकट मिल गया। भाजपा से कांग्रेस में आए संजीव आर्य को भी कांग्रेस से टिकट मिल गया। वहीं कांग्रेस और भाजपा छोड़कर आए हेम आर्य आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए। हेम ने नामांकन भी करा दिया।
अब हेम को पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का भरोसा जीतना होगा साथ ही मनमुटाव को दूर करना होगा। जबकि सरिता को भी संगठन से तालमेल बैठाने की चुनौती झेलनी होगी। दूसरी ओर ओम प्रकाश उर्फ सुभाष चंद्र ने कुछ माह पूर्व यूकेडी का दामन थामा। यूकेडी में भी अंदरखाने सबकुछ ठीक नहीं है।