‘जब भी मैं देश के लिए खेलूं, बढ़िया खेलूं। मैं एक मैच खेलकर बाहर नहीं होना चाहता। जब भी मैं टीम इंडिया का हिस्सा बनूं, ‘लंबी पारी खेलूं’।
मेरी अब तक की जर्नी शानदार रही है। काफी कुछ सीखने को मिला।’ यह कहना है अंडर-19 वर्ल्ड कप विजेता टीम के कप्तान और मुंबई इंडियंस के बल्लेबाज उन्मुक्त चंद का।
सोमवार को अमर उजाला कार्यालय पहुंचे उन्मुक्त चंद ने कहा कि हर चीज के पॉजीटिव और निगेटिव होते हैं। आईपीएल के साथ भी कुछ ऐसा ही है।
पर जहां तक मेरी बात है मुझे आईपीएल से काफी फायदा हुआ है। आईपीएल के चलते मुझे बहुत जल्द ही एक्सपोजर मिल गया।
आईपीएल ने ही मुझे 17 साल की उम्र में वीरेंद्र सहवाग जैसे खिलाड़ी के साथ ड्रेसिंग रूम शेयर करने का मौका दिया। इसके बाद सचिन तेंदुलकर, शेन वाटसन, राहुल द्रविड़, रोहित शर्मा और हरभजन सिंह जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के साथ खेलने का मौका दिया।
आईपीएल खेलने के बाद ही मुझमें कांफीडेंस आया है। पिथौरागढ़ के मूल निवासी उन्मुक्त बेबाकी से कहते हैं कि अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतने के बाद टीम इंडिया में जगह पक्की हो जाए, यह जरूरी नहीं है।
टीम इंडिया का लेवल अलग है और अंडर-19 का लेवल अलग। उस लेवल तक पहुंचने के लिए मैं कड़ी मेहनत कर रहा हूं। मैं नहीं चाहता कि एक मैच खेलने के बाद मुझे बाहर कर दिया जाए।
मैं टीम इंडिया के लिए लंबी पारी खेलना चाहता हूं। यदि सबकुछ ठीक रहा तो मेरे पास भी ‘नीली जर्सी’ होगी। दिल्ली रणजी टीम के सदस्य उन्मुक्त कहते हैं कि दिल्ली और बंगाल के बीच हुए रणजी मैच में जो कुछ भी हुआ, सही नहीं था।
अक्सर हाईवोल्टेज मैचों में ऐसा हो जाता है, लेकिन हमें मैच खेलते समय बिल्कुल भी पर्सनल नहीं होना चाहिए। हमें अपने इमोशंस में कंट्रोल करना आना चाहिए।
भारत और पाकिस्तान के क्रिकेट रिश्तों के सवाल पर उन्मुक्त बोले, हर भारतीय खिलाड़ी का सपना होता है कि वह पाकिस्तान के खिलाफ खेले।
मैं भी उनमें से ही एक हूं। मेरा मानना है कि क्रिकेट और पॉलिटिक्स को अलग-अलग रखना चाहिए। बाकी इस संबंध में भारत सरकार और बीसीसीआई को फैसला लेना है।