मातृ दिवस पर रविवार को कई कार्यक्रम हुए। सोशल मीडिया पर सूचनाओं का आदान-प्रदान भी खूब हुआ मगर बेस अस्पताल के इमरजेंसी में भर्ती करीब 60 साल की बुजुर्ग महिला अपनों की राह देखती रही। उससे मिलने कोई नहीं आया।
बिंदुखत्ता निवासी यह महिला अपना नाम भी नहीं बता पा रही हैं। वह सांस की बीमारी से पीड़ित हैं और भटकते हुए बेस अस्पताल पहुंच गईं। डॉ. एसएस बिष्ट ने महिला की हालत देखी तो उनका दिल पसीजा गया और तत्काल अज्ञात के रूप में उसे अस्पताल में भर्ती कर लिया।
वृद्धा सांस न ले पाने के कारण अपना नाम और परिजनों के बारे में कुछ नहीं बता पा रही है। समाजसेवी प्रेम बेलवाल का कहना है कि महिला बिंदुखत्ता की रहने वाली है। डॉ. बिष्ट ने बताया कि हालत में कुछ सुधार होने पर वृद्धा कभी अपना नाम गीता बता रही है तो कभी कुछ और।
इमरजेंसी वार्ड के बेड नंबर आठ पर भर्ती वृद्धा का इलाज चल रहा है। वृद्धा के बारे में न तो कोई पता करने आया और न साथ में कोई अस्पताल पहुंचा। डॉ. बिष्ट का कहना है कि महिला के ठीक होने के बाद ही परिवार के बारे में पता चल सकेगा।