मान्यता प्राप्त पत्रकारों एवं उनके आश्रितों का मुफ्त इलाज करने में अब सरकारी अस्पताल किसी तरह की आनाकानी नहीं करेंगे। पत्रकारों के लिए राज्य कर्मचारियों की तरह चिकित्सा सुविधा है। सूचना विभाग ने सभी सरकारी अस्पतालों को मुफ्त इलाज संबंधी जीओ जारी कर दिया है।
मान्यता प्राप्त पत्रकारों और उनके आश्रितों के लिए मुफ्त इलाज की सुविधा है, लेकिन सरकारी अस्पताल मुफ्त इलाज करने में आनाकानी करते हैं। यह मुद्दा शासन और प्रशासन में कई बार उठ चुका है। सहायक सूचना निदेशक योगेश मिश्रा ने मुफ्त इलाज का जीओ सभी सरकारी अस्पतालों को जारी कर दिया है। सहायक निदेशक के मुताबिक इलाज के दौरान बाजार से खरीदी जाने वाली दवाएं, पैथोलॉजी एवं रेडियोलॉजी परीक्षण का खर्च का भुगतान भी पत्रकार के आनलाइन खाते में किया जाएगा।
प्रदेश के बाहर दिल्ली में एम्स, राममनोहर लोहिया और पीजीआई चंडीगढ़ में भी पत्रकार एवं उनके आश्रितों के इलाज में होने वाले खर्च का वहन सरकार करेगी। बशर्ते इलाज के लिए इन अस्पतालों में रेफर किया गया हो। निजी अस्पतालों में इलाज का खर्च नहीं मिलेगा। इलाज प्रक्रिया पूरी होने के तीन माह के भीतर बाजार से खरीदी जाने वाली दवाओं, पैथौलाजी और रेडियोलॉजी का बिल शासन को भेजना होगा।