भारत नेपाल लिंक नहर में पानी छोड़ते समय उपस्थित अधिकारी प्रसन्न मुद्रा में। संवाद
- फोटो : TANAKPUR
टनकपुर/बनबसा (चंपावत)। एनएचपीसी ने सोमवार को टनकपुर बैराज से नवनिर्मित भारत-नेपाल लिंक नहर का परीक्षण कर प्रथम चरण में प्रस्तावित पानी छोड़ा। चंडीगढ़ से आए एनएचपीसी के कार्यपालक निदेशक (ईडी) सुरजीत कुमार संधू की मौजूदगी में लिंक नहर में पानी छोड़ा गया।
एनएचपीसी पावर स्टेशन के महाप्रबंधक राजीव सचदेवा ने बताया कि महाकाली संधि के तहत टनकपुर बैराज से नेपाल को सिंचाई के लिए पानी देना तय था। इसके लिए भारत सरकार की पहल पर एनएचपीसी ने नेपाल को पानी देने के लिए करीब 70 करोड़ की लागत से अपनी भूमि पर लगभग 1.2 किमी लंबी नहर बनवाई है। इसमें सोमवार को पानी छोड़ा गया।
पावर स्टेशन के महाप्रबंधक (सिविल) गोपाल सिंह बिष्ट ने बताया कि लिंक नहर में पहले चरण में समुद्र तल से 241.9 मीटर यानी 75 सेमी पानी छोड़ा गया। उन्होंने बताया कि लिंक नहर में परीक्षण के तौर पर चार चरणों में धीरे-धीरे पानी छोड़ा जाएगा। नेपाल में अभी नहर का निर्माण चल रहा है। वहां निर्माण पूरा होने के बाद ही लिंक नहर में टनकपुर बैराज से पानी की आपूर्ति लगातार हो सकेगी। इस मौके पर महाप्रबंधक ईएंडसी मदन लाल, वरिष्ठ प्रबंधक प्रकाश तिवारी, सहायक प्रबंधक जयवीर सिंह भंडारी, अखिलेश मौर्य आदि थे।