पिथौरागढ़। सीमांत जिले में बृहस्पतिवार रात हुई भारी बारिश से नदी-नाले उफान पर आ गए हैं। इस कारण सीमांत जिले की 22 सड़कें बंद हो गई थीं, इनमें से 14 सड़कें शुक्रवार को खुल गईं हैं। भारत-चीन सीमा को जोड़ने वाली घट्टाबगड़-लिपुलेख, गुंजी-कुटी-ज्योलिकांग सड़क बंद हो गई।
भारी बारिश के कारण पिथौरागढ़-तवाघाट सड़क लखनपुर के पास बंद हो गई। अल्मोड़ा-पनार सड़क बंद होने से सैकड़ों वाहन फंस गए। पिथौरागढ़-थल सड़क में सुनीगांव के पास मलबा आने से सड़क बंद हो गई। पिथौरागढ़-धारचूला एनएच गुड़ौली के पास मलबा आने के कारण बंद हो गई। थल-मुनस्यारी सड़क में हरड़िया के पास मलबा आने से सैकड़ों वाहन फंस गए।
कार्यदायी संस्थाओं ने मशक्कत के बाद इन सड़कों को खोल दिया है। भारी बारिश के कारण चीन सीमा को जोड़ने वाली घट्टाबड़-लिपुलेख और गुंजी-कुटी-ज्योलिंकांग सड़क बंद होने से चीन सीमा से संपर्क कट गया है। बीआरओ लगातार सड़क खोलने का प्रयास कर कर रहा है। छह ग्रामीण सड़कें बंद हैं।
इनमें नाचनी-भैंसकोट, बांसबगड़-गूंठी, छड़नदेव-न्वाली, चनौली-टुंडी, जाखपुरान-मेल्को और रसैपाटा-मोड्डी सड़क शामिल हैं। ग्रामीण सड़कें बंद होने से 10 हजार से अधिक की आबादी को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने शीघ्र बंद सड़कों को खोलने की मांग की है।
नगर के दौला वार्ड के कई घरों में घुसा मलबा
पिथौरागढ़। दौला वार्ड में भारी बारिश से निर्माणाधीन नाली का पानी घरों में घुस गया। लोगों ने नगर पालिका से बारिश से पहले अधूरी पड़ी नाली का काम पूरा करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि नगरपालिका इन दिनों नाली बना निर्माण कर रहा है इसकी गति धीमी है।
बारिश के कारण दयाकिशन तिवारी के घर में पानी और मलबा घुस गया। इससे घर के अंदर रखा सारा राशन खराब हो गया। दयाकिशन ने कहा कि नाली निर्माण के लिए वह 21 मई के बाद डीएम, नगर पालिका अध्यक्ष, वार्ड मेंबर और राजस्व उप निरीक्षक को बता चुके हैं, लेकिन समस्या नहीं सुलझ सकी है।
हल्दू में भूस्खलन से सैकड़ों नाली भूमि काली नदी में समायी
मूनाकोट (पिथौरागढ़)। भारी बारिश के कारण काली नदी का जलस्तर बढ़ने से सैकड़ों नाली भूमि काली नदी में समा गई है। भूकटाव के कारण गांव को भी खतरा हो गया है।
पंचेश्वर मेला समिति के अध्यक्ष शमशेर चंद का कहना है कि इसकी सूचना स्थानीय विधायक, सिंचाई विभाग को दे दी है। उनका कहना है कि तटबंध न होने के कारण 2013 के बाद 500 नाली उपजाऊ भूमि महाकाली में समा चुकी है। उन्होंने सिंचाई विभाग से तटबंध बनाने की मांग भी की है।
पिथौरागढ़ में हुई बारिश का विवरण एमएम में
गंगोलीहाट- 51.00
बेड़ीनाग-48.00
मुनस्यारी-39.00
पिथौरागढ़-32.00
धारचूला-14.60
डीडीहाट-12.50