नैनीताल। हाईकोर्ट के अधिवक्ता व भारतीय जागरूकता समिति के अध्यक्ष ललित मिगलानी ने नशे की बढ़ती प्रवृति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि आज युवाओं को नशे की दलदल में धकेला जा रहा है। नाबालिगों को पहले इसकी लत लगाई जा रही है और फिर नशे के कारोबारी उनसे तस्करी जैसे जघन्नय अपराध करवाते हैं।
उन्होंने सचेत करते हुए कहा कि आज के वक्त में युवाओं को संभालना चुनौती बनता जा रहा है। इस वक्त अधिकतर युवा छोटे से लालच में नशे की तरफ बढ़ रहे हैं जो कि उनको हर प्रकार से नुकसान कर रहा है। नशे के धंधे में लिप्त कारोबारी आज के समय में युवाओं की कमजोरी का फायदा उठा कर उनको प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से इस दलदल में डाल रहे हैं। युवाओं को ये जानना जरूरी है कि अगर वे कोई भी नशा करते हैं तो वह शरीर को कमजोर व बर्बाद तो कर ही रहे हैं साथ ही आर्थिक रूप से भी नशा हानिकारक है। जिससे उनका शरीर व परिवार दोनों ही बर्बाद हो जाते हैं। जो युवा नशे के कारोबार में फंस जाते हैं वो कानून के रूप में अपराधी होते हैं किसी भी नशे को खरीदना व बेचना कानून में अपराध है। जिसकी सजा कानून में दस साल से लेकर उम्र कैद तक होती है। ये अपराध समाज के विरुद्ध अपराधों में गिना जाता है।
नशे के चलते युवा कोई भी अपराध करने से पीछे नहीं रहता, जिसका अंजाम बहुत बुरा होता है। अधिवक्ता ललित मिगलानी ने समाज के हर वर्ग से ये अपील की है कि उन्हें युवाओं को नशे के दुष्परिणाम के बारे में जागरूकता फैलानी होगी और उन्हें नशे से दूर रखना होगा। समाज में बढ़ रहे नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करना होगा ताकि हम अपने आने वाली पीढ़ियों को एक स्वस्थ वातावरण दे सकें।