नैनीताल। नगर में घर-घर कूड़ा उठान और निस्तारण का कार्य कर रही टीबीआई दीक्षांक वेस्ट मैनेजमेंट एजेंसी की व्यवस्था शुरुआत से ही सवालों के घेरे में है। पालिका ने अनुबंध की शर्तों का पालन न करने पर संस्था पर बीते आठ माह में 3.45 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है।
मुख्य सफाई निरीक्षक अमित कुमार ने बताया कि संस्था घर-घर कूड़ा उठान में सफल नहीं हो पाई है और न ही अनुबंध की अन्य शर्तों को पूरा कर रही है। प्रत्येक बोर्ड बैठक में सभासद संस्था के कार्यों पर सवाल उठाते रहे हैं। अनुबंध के तहत कूड़ा वाहनों में जीपीएस लगाना अनिवार्य है जो अब तक नहीं लग पाए हैं। इससे पालिका अधिकारी वाहनों की निगरानी नहीं कर पा रहे हैं। हाईकोर्ट के निर्देशों के बावजूद कूड़ा वाहन अक्सर आंशिक ढके या फटी तिरपाल के साथ चलते हैं जिससे सार्वजनिक मार्गों पर कूड़ा गिरता है। पालिका को यूजर चार्ज से मिलने वाली धनराशि की हानि हो रही है।
स्वच्छता रैंकिंग पर असर
संस्था की लापरवाही का असर नैनीताल की स्वच्छता रैंकिंग पर भी पड़ सकता है। वर्ष 2020 में नैनीताल ने देश में 68वां और प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया था लेकिन अब यह प्रदेश में 45वें स्थान पर है। अगले महीने स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 शुरू होने वाला है। यदि व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो आने वाली रैंकिंग में गिरावट आ सकती है। संस्था प्रमुख विजय सिंह भाकुनी ने स्वास्थ्य कारणों से निगरानी न कर पाने की बात कही है।
शहर के प्रत्येक आवास से कूड़ा उठान एवं उसका निस्तारण पालिका का मुख्य कार्य है। सीएसआई का पत्र अब तक प्राप्त नहीं हुआ है। पत्र मिलने के बाद संस्था के खिलाफ कार्रवाई करते हुए शहर हित में पहल की जाएगी।
-डॉ.सरस्वती खेतवाल, पालिकाध्यक्ष