रवींद्र करीब 20 वर्ष पहले एक कार हादसे में अपने पैर खो बैठे थे और तभी से बिस्तर पर ही लेटे रहते थे । क्षेत्रवासियों के अनुसार रवींद्र की पत्नी कार हादसे के बाद कभी नैनीताल नहीं लौटीं। बताया जा रहा है कि वर्तमान में उनका बेटा विदेश में रहता है। कुमाऊं मंडल विकास निगम में कार्यरत रवींद्र ने निगम से वीआरएस ले लिया था। वह अपने निवास पर ही रहते थे। उनके भाई हरेंद्र बिष्ट और परिवार के अन्य लोग उनकी देखरेख करते थे।
नगर में हाइड्रेंट सक्रिय नहीं
शहर में हाइड्रेंट व्यवस्थित नहीं होने से अग्निशमन विभाग को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। शहर के विभिन्न स्थानों पर कुल 81 हाइड्रेंट स्थापित किए गए हैं। इनमें से 27 हाइड्रेंट ऐसे हैं, जोकि पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। शेष में भी पानी का प्रेशर नहीं होने से आग पर काबू पाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यही नहीं संकरी सड़कों के साथ ही बिजली के तार भी राहत बचाव कार्य के दौरान आड़े आते हैं।
विभाग में 26 में से सात पद खाली
नैनीताल। नैनीताल में अग्निशमन विभाग में कुल 26 पद स्वीकृत हैं। इनमें चालक व लीडिंग फायरमैन समेत कुल 7 पद खाली हैं। इसके अलावा विभाग में आग बुझाने वाले तीन वाहन हैं, जो खड़ी चढ़ाई समेत संवेदनशील इलाकों में पहुंचने में दम तोड़ देते हैं। ऐसे में नए वाहनों की खरीद करना जरूरी है।
इस संबंध में जल संस्थान से पत्राचार किया गया है। घटना के दौरान अक्सर बिजली गुल हो जाती है। ऐसे में एक पावरफुल जनरेटर की भी व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे हादसे के दौरान लोगों को बचाया जा सकता है।
चंदन राम आर्य, एफएसओ
वर्ष स्थान नुकसान
2010- डीएम ऑफिस तीन करोड़
2010- मेविला कंपाउंड- तीन लाख
2012- हल्द्वानी रोड मंदिर के समीप -2.50 लाख
2012- वीरभट्टी - 4 लाख
2013- डीएम ऑफिस परिसर - 9 लाख
2013- राजभवन - 2 लाख सात हजार
2013- एरीज - पांच लाख
2013- शेरवुड के समीप - 4 लाख
2013- नयना देवी मंदिर - जांच जारी
2013- मेट्रोपोल क्षेत्र - 2 लाख
2014- बड़ा बाजार (मटन शॉप) - 19 लाख
2015- कुमाऊं मंडल विकास निगम - जांच जारी।
2015- रामगढ़ रोड - 6 लाख
2016- जिला पंचायत रोड होटल 5 लाख
2017- वीरभट्टी- 16 लाख
2018- मेहरा मेडिकोज मल्लीताल- 7 लाख
2018- शेरवानी कंपाउंड - 15 लाख
2018- भारत टेंट हाउस- 14.25 लाख
2019- बजेठिया हाउस शेरवानी - 1 करोड़ 50 लाख
2019- बीएसएनएल एक्सचेंज - जांच जारी।
2019- मेट्रोपोल - 25 लाख
वर्ष 2018 में शेरवानी कंपाउंड में लगी आग में एक की मौत हुई थी, जबकि बजेठिया हाउस शेरवानी में ब्रिटिशकालीन कोठी जलकर राख हो गई थी।