नैनीताल। पिछले कई दिनों से भीषण युद्ध के बीच यूक्रेन के खारकीव शहर में फंसी नैनीताल निवासी आयुषी जोशी जान की परवाह किए बगैर पैदल ही एक रेलवे स्टेशन तक पहुंचने के बाद सुरक्षित पोलेंड पहुंच चुकी हैं। आयुषी के यूक्रेन बार्डर क्रास करने की सूचना मिलने के बाद परिजनों ने राहत महसूस की है।
बता दें कि नैनीताल निवासी आयुषी जोशी यूक्रेन के खारकीव शहर में मेडिकल की पढ़ाई कर रही हैं। खारकीव में रूस की ओर से लगातार की जा रही गोलाबारी के बीच वह कभी अपने आवास तो कभी पास के बंकर में थी। अब वहां रह रहे लोगों के सामने खाद्य सामग्री का संकट पैदा होने लगा है। बुधवार को आयुषी ने अपने मामा शीतल तिवारी को फोन पर बताया कि वह जिस बंकर में थी, उसके आसपास लगातार बमबारी हो रही थी। खाद्य सामग्री भी खत्म हो चुकी थी। शीतल ने बताया कि आयुषी को खारकीव के एक स्थानीय ग्रुप से पता चला कि खारकीव से लीविव के लिए ट्रेन लगी हुई है। यह जानने के बाद आयुषी ने पैदल ही रेलवे स्टेशन तक पहुंचने का फैसला किया और किसी तरह रेलवे स्टेशन पहुंची। खारकीव में मोबाइल टावर के ध्वस्त होने से नेटवर्क की भी समस्या थी। शीतल ने बताया कि बुधवार देर शाम आयुषी ने उन्हें मैसेज कर बताया कि कई किलोमीटर पैदल चलने के बाद वह किसी तरह पोलैंड पहुंच गई हैं। आयुषी के पोलैंड पहुंचने की सूचना से उनके परिजनों ने राहत महसूस की है। परिजनों को अब आयुषी के देश लौटने का इंतजार है।
संयुक्त मजिस्ट्रेट ने बच्चों और परिजनों से भेंट की
नैनीताल। सरकार की ओर से चलाए गए आपरेशन गंगा के तहत बुधवार को संयुक्त मजिस्ट्रेट प्रतीक जैन ने युक्रेन में फंसी आयुषी जोशी के परिजनों से मुलाकात की। संयुक्त मजिस्ट्रेट ने कहा कि आयुषी जल्द ही स्वदेश पहुंच जाएंगी। आयुषी के पिता विवेक जोशी ने संयुक्त मजिस्ट्रेट को बताया कि आयुषी पोलैंड पहुंच गई है। बाद में संयुक्त मजिस्ट्रेट ने यूक्रेन से लौटे अन्य बच्चों और उनके परिजनों से भी भेंट की।