नैनीताल। नैनीताल और आसपास के क्षेत्र में दीपावली पर आतिशबाजी के बाद नैनीताल की हवा प्रदूषित हो गई। वैज्ञानिकों का दावा है कि दीवापली के बाद बुधवार को प्रदूषण 10 गुना तक बढ़ा है। हालांकि यह प्रदूषण खतरे के निशान से नीचे है लेकिन चिंता का विषय है।
हर वर्ष दीपावली में पटाखे फूटने के बाद वायु की गुणवत्ता खराब हो जाती है। नैनीताल व आसपास के क्षेत्र में इस बार दीपावली पर पटाखे छूटने के कारण प्रदूषण दस गुना बढ़ा है। यह खुलासा एरीज के वैज्ञानिकों ने किया है। वैज्ञानिकों के अनुसार पटाखों के धुएं ने हवा में जहर घोला है। हालांकि वैज्ञानिकों का कहना है कि यह प्रदूषण दिल्ली के प्रदूषण के सामने न के बराबर है और फिलहाल खतरे ने नीचे है। एरीज के निदेशक डॉ. मनीष नाजा ने बताया कि कुमाऊं क्षेत्र में दो दिन दीपावली मनाई गई। लगातार किए जा रहे ऑब्जर्वेशन में सामने आया कि 20 को दीपावली के बाद 21 को नैनीताल की हवा में ज्यादा असर नजर नहीं आया। 21 को दीपावली के बाद 22 को नैनीताल की आबो हवा में प्रदूषण करीब 10 गुना बढ़ा पाया गया। 21 अक्तूबर की रात नैनीताल व आसपास हवा में पीएम 2.5 का स्तर 1.1 माइक्रोग्राम क्यूबिक मीटर दर्ज किया गया है। 22 को यह 10 गुना बढ़कर लगभग 11 माइक्रोग्राम क्यूबिक मीटर दर्ज किया गया। दिल्ली में पीएएम 2.5 का स्तर 1000 माइक्रोग्राम क्यूबिक मीटर से ज्यादा दर्ज किया गया है जो स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक है। बताया कि पीएम 2.5 ऐसे सूक्ष्म कण होते हैं जो आसानी से श्वसन तंत्र में प्रवेश कर जाते हैं और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर जोखिम पैदा करते हैं।