कहते हैं न किसी काम को नहीं करने के हजार बहाने मिल जाएंगे, लेकिन पूरा करने के लिए एक वजह ही काफी है। सर्विसेज टीम के एन विलसन सिंह पर यह यह लाइनें सटीक बैठती हैं। कैंप के दौरान इन्हें हथेली के पास लिगामेंट में चोट आ गई थी। इस वजह से डॉक्टर ने इन्हें खेलने से मना किया था। अपनी जिद पर खेले और डाइविंग में सर्वाधिक 289.10 स्कोर कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
मूल मणिपुर निवासी विलसन सिंह (23) वर्ष 2013 से डाइविंग खेल रहे हैं। विलसन का भाई राधना सिंह भी डाइविंग खेलता है और पिता म्यूजिशियन हैं। विलसन ने 2022 में आर्मी ज्वाइन की। करीब डेढ़ महीने पहले 38वें राष्ट्रीय खेलों के लिए पुणे में कैंप चल रहा था। वहां विलसन के हाथ में काफी चोट लग गई। विलसन ने बताया कि डॉक्टर ने टूर्नामेंट खेलने के लिए मना किया था लेकिन मेरी खेलने की प्रबल इच्छा थी। विलसन ने बात करके कोच को मना लिया। खेल के बीच में एक बार काफी दर्द उठा, तब विलसन ने नाम वापस लेने की सोची लेकिन तब तक लिस्ट जा चुकी थी। इसलिए विलसन ने किसी से इसका जिक्र नहीं किया। दर्द के साथ ही विलसन ने डाइविंग खेल में प्लेटफार्म डाइविंग श्रेणी में हिस्सा लिया और स्वर्ण पदक जीत लिया।
स्वर्ण पदक के बाद मां को चला पता
आर्मी वाले सर ने दिया मौका तो किया कमाल
डाइविंग से पहले विलसन जिम्नास्टिक खेलते थे। साई सेंटर ने आर्मी ओपन कैंप ने कैंप लगाया था। विलसन ने बताया कि उस दौरान एक आर्मी वाले सर ने उन्हें जिम्नास्टिक खेलते देखा। तब उन्होंने विलसन को डाइविंग खेलने की सलाह दी। साथ ही सेना में रहकर देशसेवा के लिए प्रेरित किया। तब विलसन ने ट्रायल कैंप में भाग लिया और चयन हो गया।
जीत चुके हैं कई पदक