हल्द्वानी नगर निगम में मेयर डा. जोगेन्दर पाल सिंह रौतेला को ज्ञापन सौंपते व्यापारी।
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हल्द्वानी। नगर निगम दुकानों का किराया वृद्धि पर व्यापारियों की नींद आठ महीने बाद टूटी है। आवंटित दुकानों का किराया अलग-अलग श्रेणियों में क्षेत्रफल और लोकेशन के हिसाब से तय हो चुका है। निगम प्रशासन करीब आठ दुकानों की पैमाइश कर किराया निर्धारण कर नोटिस जारी कर चुका है। कई व्यापारियों ने किराया भी जमा करवा दिया है। शुक्रवार को व्यापारियों ने किराया वृद्धि का विरोध जताया। काफी हंगामे के बीच मेयर ने किराया वृद्धि प्रस्ताव वापस लेने से साफ इनकार कर दिया।
निगम प्रशासन ने दुकान किराया वृद्धि का प्रस्ताव बोर्ड से स्वीकृत कर महीनों पहले खाका तैयार कर लिया। दुकान के क्षेत्रफल और लोकेशन के हिसाब से ‘ए’, ‘बी’ और ‘सी’ श्रेणियां बनाई हैं। इसी क्रम में दुकानों की पैमाइश शुरू करवा दी। निगम प्रशासन करीब 836 दुकानों की पैमाइश कर किराया निर्धारण करने के बाद दुकानदारों को नोटिस भेज चुका है। कइयों ने किराया जमा करवा दिया है, जबकि कुछ व्यापारियों ने नोटिस लेने से इनकार कर दिया है।
महीनों बाद देवभूमि उद्योग व्यापार मंडल के नेतृत्व में व्यापारियों का प्रतिनिधिमंडल मेयर डा. जोगेंद्र सिंह रौतेला से मिला। व्यापारियों ने विरोध जताया और कहा कि व्यापारियों को विश्वास में लिए बगैर किराया वृद्धि की गई है। प्रदेश महामंत्री अमरजीत सिंह चड्ढा, प्रदेश संरक्षक पुनीत लाल धींगड़ा ने कहा कि प्रस्ताव को वापस लिया जाए। जिलाध्यक्ष पंकज कपूर ने कहा कि व्यापारियों का शोषण किया जा रहा है। काफी हंगामे के बीच मेयर डा. रौतेला ने कहा कि प्रस्ताव वापस नहीं होगा। इससे व्यापारी आक्रोशित हो गए और आंदोलन की धमकी देकर लौट आए।
नगर निगम आवंटित दुकानों के अनुबंध की शर्त के हिसाब से हर पांच साल में साढ़े 12 फीसदी किराया वृद्धि करता है। निगम को अपनी दुकानों का किराया एकमुश्त बढ़ाने का अधिकार है। करीब ढाई दशक से एकमुश्त किराया नहीं बढ़ाया गया है। बोर्ड में कई बार एकमुश्त किराया वृद्धि का प्रस्ताव आया, लेकिन व्यापारियों के दबाव में बोर्ड इसे लागू नहीं कर पाया। इस बार मेयर डा. जोगेंद्र सिंह रौतेला के बोर्ड ने इसे स्वीकृत कर लागू कर दिया है।