फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Nainital News: पहाड़ की महिलाओं ने हुनर को बनाया हथियार

विज्ञापन
विज्ञापन
नैनीताल। देवभूमि की पहाड़ियों में अब सिर्फ बुरांश के फूल ही नहीं खिल रहे, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के सपनों को भी नई उड़ान मिल रही है। कुमाऊं विश्वविद्यालय की शोधार्थी डॉ. सुबिया नाज़ के एक ताजा शोध ने नैनीताल की उन जांबाज महिलाओं की कहानी दुनिया के सामने रखी है, जिन्होंने अपनी मेहनत से न केवल अपनी रसोई बदली, बल्कि पूरे समाज की सोच को भी चुनौती दी है।
विज्ञापन

रामनगर के जंगलों से लेकर भीमताल की वादियों और हल्द्वानी के मैदानों तक, करीब 500 महिला उद्यमियों के जीवन को करीब से देखने पर पता चला कि एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) उनके लिए सिर्फ एक सरकारी शब्द नहीं, बल्कि आजादी का रास्ता है। कोई डेयरी के जरिए सफेद क्रांति ला रही है, तो कोई पहाड़ी हस्तशिल्प और फूड प्रोसेसिंग के जरिए स्थानीय जायके को बाजार तक पहुंचा रही है। सिलाई-कढ़ाई और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में भी इन महिलाओं ने अपना परचम लहराया है।



पहाड़ जैसी चुनौतियां, पर इरादे फौलादी

हौसलों की इस उड़ान में मुश्किलें भी कम नहीं हैं। शोध बताता है कि दूरदराज के इलाकों में डिजिटल जानकारी का अभाव और बैंकों तक पहुंच न होना आज भी एक बड़ी दीवार है। जानकारी की कमी के कारण कई महिलाएं आज भी साहूकारों के चंगुल में फंस जाती हैं। लेकिन, मुद्रा योजना और स्वयं सहायता समूहों ने इन दीवारों में सेंध लगा दी है।
विज्ञापन




बदल रहा है ग्रामीण भारत का चेहरा

शोध का निष्कर्ष साफ है अगर इन महिलाओं को सही ट्रेनिंग और बाजार मिल जाए, तो ये ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तस्वीर और तकदीर दोनों बदल सकती हैं। नैनीताल की ये पहाड़न उद्यमी आज साबित कर रही हैं कि महिला सशक्तिकरण सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि हकीकत में जमीन पर उतर रहा है।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें