रोडवेज का हाल खराब है। जिन रोडवेज कंडक्टर को वेबिल में गड़बड़ी के कथित आरोपों को लेकर निलंबित किया गया था, उसमें एक कंडक्टर को उसी रूट की बस की जिम्मेदारी रोडवेज अधिकारियों ने थमा दी। यह मामला परिवहन निगम में चर्चा का विषय बना रहा।
वेबिल में गड़बड़ी कर रोडवेज को नुकसान कुछ कर्मचारी पहुंचा रहे हैं। इसमें काठगोदाम डिपो के पांच कर्मचारी निशाने पर हैं। इसमें लखनऊ रूट पर दो नियमित कर्मियों के खिलाफ प्रथम दृष्टया आरोप सही मिलने पर शुक्रवार को निलंबित कर दिया गया था। पर रोडवेज के ड्यूटी इंचार्ज ने शुक्रवार को ही इसमें एक निलंबित कंडक्टर सत्यप्रकाश को रात करीब साढे़ आठ बजे वाली लखनऊ रूट की बस थमा दी। इस संबंध में एआरएम काठगोदाम पवन मेहरा का पक्ष जानने का प्रयास किया गया। पर उनसे बात नहीं हुई। वहीं, 23 फरवरी को जेएनआरयूएम की बस का पहिए निकले थे, उस की जांच दो एआरएम तकनीक व जेएनआरयूएम को सौंपी गई थी। करीब एक महीना होने का आ गया है, लेकिन यह रिपोर्ट कहां? इसका पता नहीं है।