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PM Modi Rally: भाजपा को कनेक्ट उत्तराखंड का चुनावी मंत्र दे गए मोदी, अभावों का जिक्र कर मातृशक्ति से जुड़ने की कोशिश की

Thu, 30 Dec 2021 11:30 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी

सार

पीएम नरेंद्र मोदी ने सधे अंदाज में विकास योजनाओं की घोषणाओं से अपने भाषण की शुरुआत की और तुरंत साफ कर दिया कि भाजपा विकास के नाम पर इस बार राज्य में चुनाव मैदान में उतरने वाली है।
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- फोटो : एएनआई फाइल फोटो
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विस्तार
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विधानसभा चुनाव से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तराखंड भाजपा को कनेक्टिविटी का चुनावी मंत्र दे गए। हल्द्वानी में आयोजित जनसभा में प्रधानमंत्री ने सड़कों, रेल परियोजनाओं के जरिये जनता को यह समझाने की कोशिश की कि भाजपा की डबल इंजन सरकार विकास के नए प्रतिमान गढ़ रही है। कनेक्टिविटी के इस गुरुमंत्र से उन्होंने भाजपा से कु्माऊं के जनमानस को कनेक्ट करने की कोशिश की।

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विकास के नाम पर इस बार राज्य में चुनाव मैदान में उतरने वाली है भाजपा
पीएम ने सधे अंदाज में विकास योजनाओं की घोषणाओं से अपने भाषण की शुरुआत की और तुरंत साफ कर दिया कि भाजपा विकास के नाम पर इस बार राज्य में चुनाव मैदान में उतरने वाली है। विकास के इस मॉडल में खासा बड़ा हिस्सा सड़क संपर्क मार्गों का भी रहा। यह कनेक्टिविटी उत्तराखंड के लिए खासी बड़ी चुनौती लगातार बनी रही है और हर बार चुनाव में यह मुद्दा उठता भी रहा है। कई हजार करोड़ की सड़कों के जरिये पीएम ने प्रदेश के लोगों की इस नब्ज को पकड़ने की कोशिश की।

यह सड़क ही है जो पिथौरागढ़ को तराई से जोड़ती है और प्रवासियों को उत्तराखंड तक लाती है और उत्तराखंड के लोगों को बेहतर जीवन की तलाश में दूसरे स्थानों और राज्यों तक पहुंचाती है। सालों पुरानी बागेश्वर-टनकपुर रेलवे लाइन का जिक्र भी पीएम ने अपने भाषण में किया। रेल कनेक्टिविटी की यह सालों पुरानी चाहत हर बार बजट और चुनाव के समय होती रही है। पीएम ने इस रेलवे लाइन का जिक्र करते हुए कर्णप्रयाग-ऋषिकेश रेल परियोजना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि टनकपुर-बागेश्वर रेलवे लाइन को केंद्र सरकार जल्द ही पूरा करेगी।
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पीएम ने अपने भाषण में डबल इंजन की सरकार का जिक्र किया और यह विश्वास दिलाने की कोशिश की कि केंद्र सरकार के लिए उत्तराखंड प्राथमिकता है और उत्तराखंड में राज्य सरकार को इसका कई गुना लाभ मिल रहा है। इस तथ्य पर और जोर देते हुए पीएम ने वर्तमान दशक को उत्तराखंड का दशक घोषित करने में भी परहेज नहीं किया।

पिछले चुनाव में रुद्रपुर रैली में पीएम ने उत्तराखंड को सेना का पांचवां धाम घोषित किया था। कुमाऊं में पिथौरागढ़ रैली में भी पीएम ने प्रदेश के सैन्य परिवारों की बहुलता का ध्यान रखा था। हल्द्वानी और तराई के पृष्ठभूमि का ध्यान रखते हुए पीएम का जोर इस बार किसी एक वर्ग विशेष पर न होकर पूर्व प्रदेश के लोगों को साधने पर रहा। उन्होंने महिलाओं पर काम के बोझ का जिक्र किया तो उत्तराखंड के गांव और कस्बों को सुख सुविधाओं से लैस करने पर भी जोर दिया।

लखवाड़ जल विद्युत परियोजना को पुनर्जीवित करने की घोषणा के जरिये पीएम लोगों को यह भी याद दिला गए कि पिछली सरकारों ने योजनाओं को किस कदर लटका के रखा और भाजपा किस तरह से इन योजनाओं को पुनर्जीवित कर विकास के काम को अंजाम दे रही है। पीएम यह बताने से भी नहीं चूके कि परियोजना का फायदा अन्य किन-किन राज्यों को होगा और उत्तराखंड को इसका क्या लाभ मिलेगा। पीएम ने लगे हाथों उत्तराखंड में चुनावी समर में उतर चुकी भाजपा को भी कनेक्टिविटी के इस मंत्र के जरिये हर मतदाता को अपने से जोड़ने का रास्ता भी दिखा दिया।

मातृशक्ति से जुड़ने की कोशिश
जनसभा में हजारों की भीड़ में महिलाओं की संख्या सबसे अधिक थी तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें साधने में जरा भी देर नहीं लगाई। पीएम ने महिलाओं के अभावों का जिक्र कर पूर्ववर्ती सरकारों को निशाने पर लिया तो अपनी सरकार की उन योजनाओं का भी उल्लेख किया जो महिलाओं के कल्याण के लिए चलाई गईं हैं। मोदी ने कहा कि अभावों में रखने की राजनीति का सबसे अधिक नुकसान किसी को भुगतान पड़ रहा है तो वे हैं हमारी माताएं और बेटियां। रसोई में धुआं हो या शौचालय का अभाव, कच्ची छतों से टपकता पानी हो या बीमार बच्चे के इलाज के लिए पैसे की कमी इन सबसे एक मां का ही दिल दुखता है।

पानी के लिए सबसे अधिक परिश्रम और समय माताओं और बहनों का ही खर्च पड़ता है। मोदी ने कहा कि बीते सात सालों में हमने मातृशक्ति की इन समस्याओं को जड़ से खत्म करने का प्रयास किया है। जल जीवन मिशन, हर घर जल, हर घर नल ऐसा ही एक प्रयास है। दो साल में इस मिशन के तहत देश के पांच करोड़ से अधिक परिवारों को पाइप से पानी दिया जा चुका है। आज भी हल्द्वानी में जिन 17 से अधिक योजनाओं का शिलान्यास हुआ है, उससे 13 जिलों की बहनों का जीवन आसान होने वाला है।

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