हल्द्वानी। स्पष्ट करता हूं कि मैं अपनी निजी जानकारी और तस्वीरों के उपयोग के लिए फेसबुक या मेटा को कोई अनुमति नहीं देता हूं...कृपया इस संदेश को कापी करें और अपने प्रोफाइल पर पोस्ट करें। यह मैसेज फेसबुक पर वायरल होते ही लोगों ने बिना सत्यता जाने प्राइवेसी सुरक्षित रखने के लिए इसे शेयर करना शुरू कर दिया। फेसबुक पर डेटा चुराने की पोस्ट वारयल होने से लोग सकते में आ गए। उत्तराखंड पुलिस ने अपनी फेसबुक पेज पर इस मैसेज को फेक बताया है।
पिछले कुछ दिनों से फेसबुक पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है। पोस्ट के जरिए यह बताया गया कि फेसबुक के नए नियम कल से लागू होंगे। जो आपकी तस्वीरों के उपयोग की अनुमति देते हैं। इसकी समय सीमा आज ही समाप्त हो जाएगी। यूजर्स अगर यह पोस्ट शेयर नहीं करेंगे तो उन्हें निजी जानकारी व तस्वीरों के उपयोग की जानकारी देने वाला माना जाएगा। यह मैसेज देखते ही लोगों ने इस पोस्ट की हकीकत जाने बिना वायरल करना शुरू कर दिया। मामले का संज्ञान लेकर उत्तराखंड पुलिस को इस पोस्ट को अपनी फेसबुक वॉल से शेयर करना पड़ा।
उत्तराखंड पुलिस ने अपनी फेसबुक पर इसी से जुड़ा पोस्ट वायरल किया है। इसमें बताया कि सोशल मीडिया पर तैर रहा फेसबुक व मेटा का नियम वाला मैसेज फेक है। कापी-पेस्ट से कुछ नहीं बदलता। आपकी प्राइवेसी वहीं की वहीं है। कंपनियों की नीतियां बदलती हैं तो कंपनियां खुद अधिकारिक नोटिस देती हैं। अफवाहों के स्क्रीनशॉर्ट और फॉरवर्ड करने में टाइम बबार्द मत करें। भरोसा सिर्फ आफिसियल सोर्स पर करें। पुलिस की इस पोस्ट को पांच हजार से अधिक लोगों ने पसंद किया है और सात हजार अधिक लोगों ने शेयर किया है। पुलिस का दावा है कि इसी तरह का मैसेज वर्ष 2020-21 में भी वायरल हो चुका है। इसमें कोई सच्चाई नहीं है।
फेसबुक पर चल रहा मैसेज फेक है। लोग इस मैसेज को देखकर घबराएं नहीं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उनकी प्राइवेसी को किसी प्रकार खतरा नहीं है। फेसबुक व मेटा की ओर से कोई नई जानकारी नहीं दी गई है। - सुमित पांडे, सीओ, साइबर।