रामनगर। रामनगर में खनन कारोबारियों ने वन विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। वह तराई पश्चिमी वन प्रभाग कार्यालय पहुंचे जहां उन्होंने डीएफओ का पुतला फूंका। उन्होंने वन विभाग पर मनमानी, उत्पीड़न और वैध वाहनों को जबरन सीज करने के आरोप लगाए हैं।
शनिवार को खनन कारोबारी तराई पश्चिमी वन प्रभाग के कार्यालय में पहुंचे जहां उन्होंने जमकर नारेबाजी करते हुए डीएफओ का पुतला फूंका। इस दौरान खनन कारोबारियों ने आरोप लगाया कि उनकी गाड़ी 22 को सुबह निर्धारित टोकन के आधार पर नदी क्षेत्र में गई थी। साथ ही सरकार को विधिवत रॉयल्टी भी जमा की गई थी, इसके बावजूद वन विभाग की टीम ने वाहन को पकड़ लिया। उन्होंने दावा किया कि कार्रवाई के दौरान विभागीय टीम ने मौके पर गोलियां चलाईं और पत्थरबाजी भी की जिससे चालक जान बचाकर मौके से भागने को मजबूर हो गया। उन्होंने कहा कि वन विभाग की ओर से कारोबारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। डीएफओ प्रकाश चंद्र आर्या ने बताया कि कोसी नदी के सभी खनन गेट बंद हैं। कुछ वाहनों को बीते दिनों अवैध खनन करते पकड़ा गया था। नियमानुसार खनन होने पर ही खनन गेटों को खोलने की अनुमति दी जाएगी। इस दौरान अनंत जैन, अमर सिंह, प्रवेश गिरी, मयंक कुमार, मनोज जोशी, परमिंदर सिंह सेठी आदि मौजूद रहे।