हल्द्वानी। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय (यूओयू) से अब कुमाऊं रेजिमेंट रानीखेत के सैन्य अधिकारी और जवान उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। यूओयू और कुमाऊं रेजिमेंट के बीच कौशल आधारित यूजी एवं पीजी पाठ्यक्रमों के लिए महत्वपूर्ण करार हुआ है। विवि ने कुमाऊं रेजिमेंट सेंटर में इसके लिए डिस्टेंस लर्निंग सेंटर की औपचारिक शुरुआत भी कर दी है।
दूरस्थ शिक्षा अभियान के तहत शुक्रवार को रानीखेत में कुमाऊं रेजिमेंट और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच कौशल आधारित स्नातक, परास्नातक, डिप्लोमा एवं सर्टिफिकेट पाठ्यक्रमों के लिए समझौता हुआ। इसमें एस्टेट मैनेजमेंट, हॉस्पिटालिटी मैनेजमेंट, डिजिटल लिटरेसी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कंप्यूटर विज्ञान एवं नैनो प्रौद्योगिकी जैसे पाठ्यक्रम शामिल हैं।
केआरसी के कमांडेंट ब्रिगेडियर संजय कुमार यादव ने कहा कि रेजिमेंट के सैन्य अधिकारियों, जवानों और अग्निवीरों को इसका लाभ न केवल सेवा काल में मिलेगा बल्कि सेवा उपरांत भी उत्कृष्ट अवसर मिलेंगे। उन्होंने पहल को सैन्य समुदाय की शिक्षा, क्षमता वृद्धि और भविष्य निर्माण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
यूओयू के कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी ने आश्वस्त किया कि रेजिमेंट के सुझाए पाठ्यक्रमों को प्राथमिकता के साथ विकसित किया जाएगा। वहां क्षेत्रीय सेवा के निदेशक प्रो. गिरीजा पांडेय, कुलसचिव खेमराज भट्ट, प्रो. गिरिजा पांडेय, डॉ. जेएस रावत, रूचि आर्य आदि थे।
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यूओयू एवं कुमाऊं रेजिमेंट के बीच हुआ करार राज्य सरकार के उच्च शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करने के संकल्प का प्रतिफल है। यह पहल सैन्य जवानों को कौशल आधारित उच्च शिक्षा उपलब्ध कराएगी। उन्हें भविष्य के लिए अधिक सक्षम, आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगी। - डॉ. धन सिंह रावत, उच्च शिक्षा मंत्री