हल्द्वानी। नई दिल्ली से काठगोदाम आ रही शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आने से मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस (एमईएस) में तैनात मनोहर चंद्र सती की मौत हो गई। मौत के कारणों का पता नहीं चल सका है। हालांकि, लोको पायलट का कहना था सती ट्रेन के आगे अचानक लेट गए थे। पुलिस घटना के कारणों की छानबीन कर रही है। हादसा मंगलवार सुबह पॉलीशीट स्थित रेलवे लाइन पर हुआ।
अल्मोड़ा जिले के शिवाली चौबटिया (रानीखेत) निवासी 55 वर्षीय मनोहर चंद्र सती पुत्र मोतीराम सती हल्द्वानी छावनी स्थित एमईएस में इलेक्ट्रिशियन के पद पर तैनात थे। मंगलवार की सुबह 11 बजकर 23 मिनट पर नई दिल्ली से शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन आ रही थी। पॉलीशीट के पास रेलवे लाइन पर ट्रेन की चपेट में आने से मनोहर चंद्र सती की मौत हो गई।
हादसे की जानकारी मिलने के बाद आरपीएफ के रणदीप कुमार के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची। आरपीएफ ने इस बारे में काठगोदाम पुलिस को अवगत कराया। पुलिस ने मनोहर के पास से बरामद कागजातों के आधार पर परिजनों को सूचना दी। दामाद विवेक जोशी ने मौके पर पहुंचकर शव की शिनाख्त की। मनोहर चंद्र सती का एक बेटा पंकज सती और बेटी विनीता हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद पत्नी कमला का बुरा हाल हो गया है।
32 मिनट ट्रेन हुई लेट
हल्द्वानी। हादसे के चलते शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन करीब 32 मिनट देरी से स्टेशन पहुंची। विभागीय अधिकारियों ने लोको चालक अफसर से पूछताछ की। चालक का कहना था कि मनोहर चंद्र खुद ट्रेन के आगे लेट गए थे। इसी कारण उनको बचाया नहीं जा सका। हादसे के बाद उसने ट्रेन को रोक दिया गया था।
तनाव के बारे में बड़े भाई ने नहीं बताया
हल्द्वानी। पुलिस ने तनाव के बारे में परिजनों से पूछताछ की लेकिन कोई जानकारी नहीं दे सका। मनोहर चंद्र सती के छोटे भाई रमेश चंद्र सती ने बताया कि उन्हें कोई बीमारी नहीं थी। उन्होंने तनाव के बारे में परिवार को जानकारी नहीं दी थी। चार भाइयों और एक बहन में सबसे बड़े मनोहर चंद्र चार दशकों से हल्द्वानी में परिवार के साथ रहते थे। घटना की जानकारी मिलने पर रमेश चंद्र पिथौरागढ़ से आए हैं। रमेश का परिवार मुखानी में रहता है।