मेडिकल कॉलेज में पीजी प्रवेश परीक्षा के लिए होने वाले दाखिले अब एमबीबीएस की तर्ज पर नीट (नेशनल एलिजिबिल्टी कम एंट्रेंस टेस्ट) के माध्यम से होंगे। निजी मेडिकल कॉलेज या संस्थानों की मनमानी रोकने और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए काउंसलिंग का अधिकार भी राज्य सरकार को होगा। भारत सरकार और मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया ने इसका गजट नोटीफिकेशन जारी किया है।
एमबीबीएस में नीट के माध्यम से दाखिला शुरू हुआ था। लेकिन बीच में इस पर रोक लगा दी गई। हालांकि उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद 2016 से दाखिले फिर नीट के माध्यम से होने लगे। दस मार्च को भारत सरकार और मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने गजट नोटीफिकेशन जारी किया है।
कहा है कि एमडी/एमएस/डीएम और एमसीएच में होने वाले दाखिले अब नीट के माध्यम से होंगे। पीजी कोर्स की सीटों पर 50 प्रतिशत कोटा ऑल इंडिया का और 50 प्रतिशत कोटा राज्य सरकार का होगा। खास बात ये है कि पीजी में दाखिले को लेकर अलग-अलग परीक्षाएं होती थीं। निजी मेडिकल कॉलेज और संस्थान भी अलग परीक्षाएं कराती थीं।
विद्यार्थियों को कई परीक्षाओं से गुजरना पड़ता था मगर अब नीट के माध्यम से एक ही परीक्षा देनी होगी। साथ ही काउंसलिंग का अधिकार भी राज्य सरकार को होगा। इस आदेश के बाद निजी कॉलेजों की मनमानी पर रोक लगेगी। निजी कॉलेजों को भी राज्य सरकार की काउंसलिंग के अनुरूप दाखिला देना होगा। चिकित्सा-शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष स्याना ने बताया कि दस मार्च को आदेश हुआ है और इस प्रक्रिया से पारदर्शिता आएगी। साथ ही विद्यार्थियों को भी राहत मिलेगी।