हल्द्वानी में हिमालय संगीत शोध समिति द्वारा आयोजित पौष की प्रथम होली बैठक में होली गायन करते मनो?
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हल्द्वानी। पौष के पहले रविवार से कुमाऊं में बैठकी होली का आगाज हो गया है। हल्द्वानी में भी हिमालय संगीत शोध समिति की ओर से रविवार को छोटी मुखानी में बैठकी होली का आयोजन किया गया। कोविड 19 के निर्देशों का पालन करते हुए बैठकी होली गायन पालियों में शुरू किया गया। संस्था ने सोशल मीडिया और ऑनलाइन होली की भी शुरुआत कर दी है।
समिति के अध्यक्ष और संगीतज्ञ डॉ. पंकज उप्रेती ने धमार में भव भंजन गुण गाऊं..मैं अपने राम को रिझाऊं से शुरुआत की। वरिष्ठ होली गायक ललित मोहन जोशी ने कर्णप्रिय आवाज में अबकी टेर हमारी लाज राखो गिरधारी का गायन किया। आचार्य धीरज उप्रेती ने मन रंग दे करतार मधुर मोरा साज मिला दे, योगेश उपाध्याय ने सखी श्याम सुंदर से मिला दे.. मेरे सूने हैं सब साज का गायन किया। पंकज जोशी और मयंक भट्ट ने श्याम के नैना नुकीले और गौरव वर्मा तथा कुश जोशी ने छाड़ो बाट हमारी श्याम ब्रिज राज बिहारी होली गायन किया।
जगदीश चंद्र पांडे ने बाजत ताल मृदंग नंद घर जनम लियो है का गायन किया। इस मौके पर सारिका तड़ागी, गीता उप्रेती, आरती उप्रेती, अविरल साह, शुभम पोखरिया, डॉ. भुवन तिवारी, कृतिका जोशी, बृजेश जोशी, दलजीत सिंह, प्रो. पंकज साह, हेम पालीवाल, कुलदीप सिंह, पुष्पा जोशी, डॉ. नवीन तिवारी, जगदीश जोशी आदि उपस्थित रहे। तबले में शुभम मठपाल, मनोज पांडे ने संगत दी।