सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी
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सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी के एचआईएस विभाग ने ऑनलाइन बिलिंग की शुरूआत तो कर दी लेकिन कर्मचारियों को दक्ष नहीं बना पाया। हालत यह है कि पांच दिन बाद भी मरीजों और तिमारदारों को सुबह से बिलिंग काउंटर में खड़ा होना पड़ रहा है और दोपहर तक ही नंबर आ रहा है। दो बजे तक 170 लोगों की ही खून की जांच हो सकीदेरी के कारण मंगलवार को कई मरीजों की खून की सैंपलिंग जांच ही नहीं हो सकी और मरीज वापस लौट गए। मरीज सुबह सात बजे से अस्पताल पहुंचना शुरू हो गये थे। बिलिंग काउंटर में तीन ही सिस्टम लगे हैं और एक व्यक्ति की बिलिंग में सात से 10 मिनट लग रहे हैं। यहां महिलाओं और वृद्धों के लिए अलग से काउंटर की व्यवस्था भी नहीं की गई है। कई बुजुर्ग मरीज देर तक खड़े रहने में असमर्थ दिखे।
इधर एचआईएस प्रभारी सीएस गुरुरानी का कहना है कि साफ्टवेयर का प्रशिक्षण दिया गया है, कर्मचारियों को समझने में थोड़ा समय लग रहा है। कई तरह की जांचों के रेट कम्प्यूटर में फीड करने में समय लग रहा है। कुछ दिन में व्यवस्था ठीक हो जाएगी।
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सुबह 10:30 बजे आ गए थे। अभी भी 30 लोग आगे से लाइन में हैं। हमारा नंबर आने तक दो बज जाएंगे। तब तक ब्लड सेंपल का काउंटर बंद हो जाएगा। अब जांच के लिए कल आएंगे।
-गुलफिजा, ज्योलिकोट।
एक बज गया है। अभी भी लंबी लाइन लगी है। मेरे पीछे भी कई लोग खड़े हैं। कब तक नंबर आएगा पता नहीं है।
-पुष्पा देवी, हल्द्वानी।
पैर में दिक्कत है। कुछ जांचें करानी हैं जिसके लिए लाइन में लगा था लेकिन दोपहर तक नंबर नहीं आने से दिक्कत हो रही है।
-कबीर अहमद, काठगोदाम।
अल्मोड़ा से इलाज के लिए पहुंचा हूं। कुछ जांचें करानी हैं, सुबह से लाइन में लगे हैं लेकिन दोपहर तक नंबर नहीं आया है।
-करन सिंह
दूर से इलाज के लिए आए हैं लेकिन नंबर आने में काफी समय लग रहा है। जांच हो जाती तो लौट जाते। अब आज यहीं रुकना पड़ेगा।
- अमन सिंह भोजक, अल्मोड़ा।