प्रदेश राजनीति में अहम् नैनीताल जिले में जिलाध्यक्ष की ताजपोशी के लिए भाजपाई दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर थी, लेकिन अंत में क्षेत्रीय सांसद भगत सिंह कोश्यारी विजयी हुए और उनके चहेते रामगढ़ निवासी मनोज साह जिलाध्यक्ष पद पर चुने गए। सूच्य है कि रामगढ़ के ही देवेंद्र सिंह ढैला नैनीताल के निवर्तमान जिलाध्यक्ष हैें।
बता दें कि शीर्ष नेतृत्व की ओर से जिला चुनाव अधिकारी की जिम्मेदारी बलवंत भौर्याल को दी गई थी। जिन्होंने बीते 29 अक्तूबर को 11 मंडल अध्यक्ष, जिला प्रतिनिधि, पूर्व जिलाध्यक्ष, वर्तमान सांसद, विधायक, पूर्व विधायक आदि से रायसुमारी की।
जिसके बाद अपनी रिपोर्ट शीर्ष पदाधिकारियों को दी। यहां से जिलाध्यक्ष के लिए मनोज साह, गोपाल रावत, खीमानंद शर्मा, बालम सिंह मेहरा, हरगोविंद रावत, तेज सिंह, ऋतु डालाकोटी, भावना मेहरा, उमा पढालनी, दीपा नयाल आदि दावेदार थे।
सूत्र बताते हैं कि इनमें से हरगोविंद व बालम के लिए बलराज पासी, मनोज साह के लिए सांसद कोश्यारी, दीपा नयाल व उमा पढालनी के लिए डा. निशंक, भावना मेहरा के लिए तीरथ सिंह, खीमानंद शर्मा व गोपाल रावत के लिए बंशीधर भगत लगे हुए थे। यहीं नहीं ऋतु डालाकोटी के लिए खंडूरी जी के जोर लगाने की चर्चाएं थी। हालांकि अंत में मनोज साह, गोपाल रावत व खीमानंद शर्मा के नाम सामने आ रहे थे।
शनिवार को देहरादून से प्रदेश चुनाव अधिकारी केदार जोशी की ओर से सायं 4 बजे आठ जिलों की घोषणा की गई। जिनमें से नैनीताल से मनोज साह, हल्द्वानी से प्रदीप बिष्ट, रुद्रपुर से शिव अरोरा, काशीपुर से आर मल्होत्रा, बागेश्वर से उमा बिष्ट, चमोली से मोहन थपलियाल, रुद्रप्रयाग से डा. आनंद बोरा, पछवादून से संजय गुप्ता के नामों की घोषणा की गई।
शेष संगठनात्मक 14 जिलों की घोषणा बाद में की जाएगी। साह को जिलाध्यक्ष बनाए जाने पर मोहन पाल, नगर मंडल अध्यक्ष मनोज जोशी, संतोष साह प्रमोद बिष्ट आदि ने खुशी व्यक्त की है।
नव नियुक्त जिलाध्यक्ष श्री साह 1995 में डीएसबी छात्र संघ सचिव रहे। 1997 में उन्होंने भाजपा ज्वाइन की, इसके बाद वह भाजयुमो के जिला महामंत्री, जिलाध्यक्ष, वर्तमान में वह प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य हैं।