लालकुआं। प्रयागराज के संगम तट पर आयोजित दो दिवसीय ज्ञान महाकुंभ में किशनपुर सकुलिया मोटाहल्दू की मनीषा पांडे ने उत्तराखंड के पवित्र उपवन जैव विविधता संरक्षण, पर्यावरण स्थिरता और उनके महत्व विषय पर व्याख्यान दिया।
मनीषा ने किसी स्थान को उपवन कैसे घोषित किया जाता है उसकी उपयोगिता क्या है, जैव विविधता संरक्षण, सांस्कृतिक धरोहर तथा पारिस्थितिक सेवाओं में यह कैसे योगदान देता है इस विषय पर पारिस्थितिक महत्व को विस्तारपूर्वक समझाया। बता दें कि मनीषा चार वर्षों से कार्बन भंडारण, पुनरुत्थान और पारिस्थितिक सेवाओं पर प्रो. एसपी जोशी के निर्देशन में सेंट्रल यूनिवर्सिटी उत्तराखंड में शोध कर रही हैं। संवाद