हल्द्वानी। पेपरलेस रजिस्ट्री के विरोध में कुमाऊं भर से पहुंचे स्टांप वेंडर, अरायजनवीसों, दस्तावेज लेखकों व अधिवक्ताओं ने बुधवार को महासभा कर सरकार पर आंदोलन की अनदेखी का आरोप लगाया। महासभा में निर्णय लिया गया कि दस मार्च को कमिश्नर के कैंप कार्यालय पर सभा की जाएगी। इस दौरान जमकर नारेबाजी भी हुई।
महासभा में मौजूद उत्तराखंड बार काउंसिल के चेयरमैन डॉ. महेंद्र सिंह पाल और सचिव मेहरबान सिंह कोरंगा ने प्रदर्शनकारियों की मांगों को जायज बताया। तय किया गया कि दस मार्च को कमिश्नर के माध्यम से राज्य सरकार को ज्ञापन भेजकर उत्तराखंड आनलाइन दस्तावेज रजिस्ट्रीकरण नियमावली 2025 की विसंगतियों को दूर कराने की मांग की जाएगी। मांग न मानने पर बार काउंसिल की बैठक कर सचिवालय का घेराव किया जाएगा। संचालन करते हुए हल्द्वानी बार के पूर्व अध्यक्ष गोविंद सिंह बिष्ट ने वर्चुअल व पेपरलेस रजिस्ट्री के दुष्परिणामों की जानकारी देते हुए कहा कि इसके लागू होने से स्टांप वेंडर, अरायजनवीस, दस्तावेज लेखक और अधिवक्ता बेरोजगार हो जाएंगे। ऊधमसिंह नगर की जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दिवाकर पांडेय ने कहा कि एआई और डीप फेक तकनीक से यदि किसी व्यक्ति के फर्जी बैनामे व वसीयत किए जाएंगे तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। अल्मोड़ा की जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष महेश सिंह परिहार ने कहा कि वर्चुअल व पेपरलेस रजिस्ट्री लागू होने से राज्य में हजारों लोग बेरोजगार हो जाएंगे और उनके परिवारों के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। हल्द्वानी बार के उपाध्यक्ष सुधीर पुंडीर ने विधि विशेषज्ञों की राय लेकर नियमावली तैयार करने पर जोर दिया। महासभा को काशीपुर बार के अध्यक्ष अवधेश कुमार चौबे, सचिव नृपेंद्र चौधरी, खटीमा बार के अध्यक्ष सूरज सिंह राणा, सचिव हरजीत सिंह, बाजपुर बार के अध्यक्ष राजेश पाण्डेय, नैनीताल बार के पूर्व सचिव दीपक रूबाली, ऊधमसिंह नगर जिला बार के सचिव सर्वेश कुमार सिंह, सितारगंज बार के सचिव महेंद्र चौधरी, हल्द्वानी बार के सचिव मोहन सिंह बिष्ट, पूर्व अध्यक्ष भुवन चंद्र पनेरू, जगत सिंह घुड़दौड़ा, बसंत जोशी, राजन मेहरा, विनीत परिहार, स्टांप विक्रेता अरायजनवीस संघ के संरक्षक बलवंत सिंह नेगी, अध्यक्ष योगेश पाण्डे, सचिव दिनेश बेलवाल, उपाध्यक्ष बालम सिंह बसेड़ा व सुनील पंत ने भी संबोधित किया।