शरद कोजागर पूर्णिमा व्रत, भगवान वाल्मीकि जयंती पर्व शनिवार 28 अक्तूबर को मनाई जाएगी। इसी दिन चंद्रग्रहण भी लगेगा। ग्रहण भारत के अलावा अन्य देशों में भी दिखेगा। इसका सूतक और धार्मिक प्रभाव रहेगा। खासकर राशियों पर भी ग्रहण का प्रभाव देखने को मिलेगा।
आश्विन शुक्ल पक्ष शरद पूर्णिमा व्रत और स्नान दान की पूर्णिमा पूरे दिन और रात रहेगी। 28 की शाम 4:05 बजे से सूतक और धार्मिक प्रभाव शुरू हो जाएगा। उसी रात 1:05 बजे से चंद्र ग्रहण शुरू होगा और 2:22 बजे तक रहेगा। ज्योतिष त्रिभुवन उप्रेती ने बताया कि पंचाग के अनुसार चंद्र ग्रहण 28 की मध्यरात्रि के बाद 29 अक्तूबर की सुबह तक रहेगा।
ग्रहण का असर पूरे भारत वर्ष में देखने को मिलेगा। प्राकृतिक रूप से भूकंप, कष्ट, आर्थिक संकट, महामारी, क़ृषि और राजनैतिक उथल पुथल के योग हैं। इस दिन पूर्णिमा का व्रत जरूरी नहीं है लेकिन हमेशा करने वाले व्रत कर सकते हैं लेकिन दूसरे दिन स्नान कर व्रत तोड़ सकते हैं।
राशियों पर प्रभाव
मेष: शरीर कष्ट,चोट, वृष: आर्थिक हानि, मिथुन : आर्थिक लाभ, कर्क: रोग, सिंह: चिंता, कन्या: सुख, तुला:पत्नी कष्ट, वृश्चिक: शरीर कष्ट, धनु:मान हानि, मकर: नौकरी लाभ, कुंभ: लाभ, मीन: खर्च बढ़ेगा।
न करें यह काम
गर्भवती महिलाओं को ग्रहण नहीं देखना चाहिए, ग्रहण काल में निद्रा, भोजन का त्याग करना चाहिए। सात्विक रहकर जप अनुष्ठान से लाभ प्राप्त होता है। ग्रहण के समय बीमार, वृद्ध, बच्चों, असहाय, भोजन कर सकते है।