लोहाघाट कांग्रेस विधायक खुशाल सिंह अधिकारी के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका पर नैनीताल हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद निर्णय सुरक्षित रख लिया है। न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकलपीठ में सुनवाई हुई।
नैनीताल हाईकोर्ट ने लोहाघाट विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक खुशाल सिंह अधिकारी के निर्वाचन को चुनौती देने वाली चुनाव याचिका पर सुनवाई के बाद निर्णय सुरक्षित रख लिया है।न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार विधायक के निर्वाचन को भाजपा नेता और 2022 विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी रहे पूरन सिंह फर्त्याल ने चुनौती दी थी।
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सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से विधायक खुशाल सिंह अधिकारी की ठेकेदारी और चनावी शपथपत्र में दी गई जानकारियों के बारे में अवगत कराया गया। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि विधायक ए श्रेणी के ठेकेदार रहे हैं और नामांकन के दौरान उन्होंने शपथपत्र में इस तथ्य का खुलासा नहीं किया। इसके साथ ही आरोप लगाया गया कि शपथपत्र में उनकी और उनके परिवार की आय से संबंधित आवश्यक जानकारियां भी दर्ज नहीं की गईं। वहीं, विधायक खुशाल सिंह अधिकारी की ओर से चुनाव याचिका का विरोध किया गया। उनकी ओर से इन आरोपों को बेबुनियाद बताया गया। बचाव पक्ष ने कहा कि नामांकन दाखिल करने से पहले ही उन्होंने ठेके से इस्तीफा दे दिया था, इसलिए उनके खिलाफ लगाए गए आरोप आधारहीन हैं।