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तीन महिलाओं को निवाला बनाने वाला आदमखोर हुआ ढेर

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पिथौरागढ़। देवलथल तहसील क्षेत्र में तीन महिलाओं को अपना निवाला बनाने वाले आदमखोर को शिकारी ने ढेर कर दिया है। आदमखोर की मौत से भयभीत लोगों ने राहत महसूस की है। आदमखोर मादा तेंदुआ थी और उसके कान के पास दंराती का घाव था।
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देवलथल तहसील के गांवों में पिछले तीन माह से आदमखोर तेंदुए का आतंक बना हुआ था। इस आदमखोर ने रसैपाटा क्षेत्र में 17 दिसंबर को एक महिला को मौत के घाट उतार दिया था। इसके बाद 19 दिसंबर को नजदीकी दूसरे गांव में 68 वर्षीय महिला सरुली देवी को मार दिया था। लगातार हो रहे हमलों को देखते हुए वन विभाग ने दो पिंजरे लगाए थे लेकिन तेंदुआ पकड़ में नहीं आया। आदमखोर हो चुके तेंदुए ने 18 जनवरी को क्षेत्र में ही विमला चंद पर हमला कर दिया, लेकिन विमला ने दरांती से मुकाबला करके आदमखोर को भागने पर मजबूर कर दिया था। दरांती के हमले से तेंदुए के कान के पास जख्म भी हुआ था।
इस तेंदुए ने 25 जनवरी को आगर गांव में खीमा देवी को अपना निवाला बना लिया था। तेंदुए के आतंक को देखते हुए वन विभाग ने शिकारी तैनात किए थे। नैनीताल से आए शिकारी हरीश धामी अन्य शूटरों के साथ मचान बनाकर आदमखोर पर नजर रखे हुए थे। कई दिनों तक यह तेंदुआ आबादी के नजदीक नजर नहीं आया। बृहस्पतिवार शाम जैसे ही तेंदुआ आबादी के नजदीक शिकार की तलाश में आया शिकारी ने उसे ढेर कर दिया। तेंदुए के मारे जाने की जानकारी के बाद लोगों ने राहत महसूस की है। वन विभाग के एसडीओ नवीन पंत ने बताया कि आदमखोर तेंदुए को मार दिया गया है। तेंदुए का शव पिथौरागढ़ लाया जा रहा है। शुक्रवार को पिथौरागढ़ में पोस्टमार्टम किया जाएगा।
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आदमखोर के पंजे में घाव से हुई पहचान
पिथौरागढ़। आतंक का पर्याय बने आदमखोर की पहचान एक पंजे में बने निशान से हुई। 25 जनवरी को खीमा देवी को मारने से पहले इस तेंदुए ने निर्मला चंद के ऊपर भी हमला किया था लेकिन निर्मला ने दराती से मुकाबला कर इस तेंदुए को भागने पर मजबूर कर दिया था। इस दौरान निर्मला की दराती से तेंदुए के कान के पास घाव हुआ था। इसी घाव के आधार पर आदमखोर की पहचान की गई।
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