भुमियाधार ग्रामसभा में खूपी तोक के ग्रामीणों में अब भी दहशत बनी है। आसमान में काले बादलों के उमड़ने और बिजली की कड़कड़ाहट शुरू होते ही ग्रामीण घरों से बाहर निकल जाते हैं। भुमियाधार कोई ऐसी-वैसी ग्रामसभा नहीं बल्कि वीआईपी ग्रामसभा है, क्योंकि संसदीय सचिव और नैनीताल की विधायक सरिता आर्या का यह गृह क्षेत्र है। ऐसे में अब ग्रामीणों की नजर विधायक सरिता आर्या पर टिकी हैं। उम्मीद है कि वही इस गांव का भला करा सकती हैं।
पाइंस नाले से हो रहे भू-कटाव के चलते ग्रामसभा के तोक खूपी में पिछले वर्षों के दौरान 40 से अधिक घरों में दरारें पड़ चुकी हैं। अनुसूचित बाहुल्य इस ग्रामसभा के अधिकांश लोग खेतीबाड़ी और मजदूरी कर परिवार पालते हैं। ग्रामीण वर्षों से खूपी तोक में रह रहे परिवारों को विस्थापित कराने की मांग कर रहे हैं लेकिन मामला अभी फाइलों में ही कैद है। वहीं, तीन दिन से हो रही बारिश के बावजूद ग्रामीणों की सुध लेने यहां न तो अधिकारी पहुंचे और न ही कोई जनप्रतिनिधि।
ग्राम प्रधान माया देवी, पूर्व प्रधान भुवन चंद्र आर्य, राजन लाल, बाबू लाल, दिनेश चंद्र आदि का कहना है कि पाइंस नाले से हो रहे भू कटाव से केवल खूपी तोक ही नहीं बल्कि ऐड़ीधार, अक्सोड़ा, तल्लीधार और मल्लीधार का क्षेत्र भी प्रभावित है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि अब यदि कोई ग्रामीणों का भला करा सकता है तो वह विधायक सरिता आर्या ही हैं क्योंकि भुमियाधार ग्रामसभा में उनका घर भी है और प्रदेश में सरकार भी उन्हीं की पार्टी की है।
पाइंस नाले से हो रहे भू-कटाव से भुमियाधार ग्रामसभा की जमीन धंस रही है, अधिकांश मकानों में दरारें आ चुकी हैं। मैने इस संबंध में मुख्यमंत्री हरीश रावत और सिंचाई मंत्री यशपाल आर्य से ग्रामीणों के विस्थापन के साथ-साथ नाले में चेकडैम बनाने की मांग की है। मुख्यमंत्री ने सिंचाई विभाग से नाले में चेकडैम बनवाने के लिए प्रांकलन तैयार कर शासन को भेजने को कहा है। ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर मैं अपने स्तर पर हर संभव प्रयास कर रही हूं।
-सरिता आर्या, विधायक, नैनीताल विधानसभा क्षेत्र।