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Uttarakhand: किरायेदारों का वेरिफिकेशन कराने में भी मकान मालिकों का छूट रहा है पसीना, काटे चालान

Mon, 26 May 2025 02:07 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, हल्द्वानी

सार

इन दिनों सत्यापन अभियान चल रहा है। दूसरे राज्यों के साथ ही उत्तराखंड के किसी भी स्थान से आकर यहां किराये पर रह रहे लोगों का सत्यापन कराने में भी मकान मालिकों के पसीने छूट रहे हैं। वे चौकी जाते हैं तो उन्हें लौटा दिया जाता है। 
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दो दिन पहले लोगों को इकट्ठा करके इस तरह सत्यापन किया गया - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हल्द्वानी शहर में इन दिनों सत्यापन अभियान चल रहा है और उसका पूरा हौवा बना हुआ है। दूसरे राज्यों के साथ ही उत्तराखंड के किसी भी स्थान से आकर यहां किराये पर रह रहे लोगों का सत्यापन कराने में भी मकान मालिकों के पसीने छूट रहे हैं। वे चौकी जाते हैं तो उन्हें लौटा दिया जाता है। बाद में पुलिस कभी सत्यापन के लिए पहुंचती है तो चालान काट देती है।

नैनीताल की घटना के बाद पुलिस ने सत्यापन अभियान में पूरी ताकत झाेंक रखी है। अब तक दस हजार से ज्यादा किरायेदारों के सत्यापन पुलिस कर चुकी है। साथ ही 100 से ज्यादा मकान मालिकों के 10-10 हजार रुपये के चालान भी काटे जा चुके हैं। इससे ऐसे मकान मालिक डरे हुए हैं, जिन्होंने बिना सत्यापन के ही किरायेदार रखे हुआ है।

ऐसा नहीं है कि मकान मालिक सत्यापन कराना नहीं चाहते। वे निर्धारित फार्म में पूरी डिटेल भरकर चौकी जा रहे हैं। कुछ का सत्यापन हो रहा है तो कइयों को लौटा दिया जा रहा है। उत्तराखंड के मूल निवासी मकान मालिक हों या किरायेदार उन्हें भी दिक्कत हो रही है। मानपुर पश्चिम में किराये के घर में रहने वाले राजेंद्र गोस्वामी मूल रूप से भवाली के हैं। पिछले माह उनकी पत्नी टीपीनगर चौकी कई बार गईं, लेकिन उनके सत्यापन के कागज पर मुहर नहीं लगाई गई। छह-सात बार दौड़ने के बाद जब वह अपने पति के साथ तीन बार गई तो फार्म पर सत्यापन की मुहर लगी। इसी प्रकार नैनी विहार के मनोज जोशी के मकान में चार किराएदार हैं और चारों उत्तराखंड के। खुद मकान मालिक भी उत्तराखंड के। इनका सत्यापन नहीं हुआ तो उच्चाधिकारियों से शिकायत की गई। तब जाकर सत्यापन किया गया। ऐसे कई केस हर मोहल्लों में हैं। दूसरे राज्यों से आकर रह रहे लोगों के लिए और ज्यादा परेशानी है। उनका संबंधित थाने से रिपोर्ट लगवाकर लाने को कहा जा रहा है।

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सत्यापन के नियमों को लेकर सभी थानों व चौकी के प्रभारियों के साथ मीटिंग की जाएगी। यदि इसमें कुछ कमी है तो उसे दूर किया जाएगा। -प्रकाश चंद्र, एसपी सिटी

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