हल्द्वानी। निकाय चुनाव में महापौर के पद पर 3894 मत से हार का सामना करने वाले कांग्रेस प्रत्याशी ललित जोशी दो-तीन दिन में हाईकोर्ट का रुख करेंगे। निकाय चुनाव से जुड़े दस्तावेज को एकत्रित करने के बाद उन्होंने यह फैसला लिया है। परिणाम के करीब तीन माह बाद भी पार्टी स्तर पर इस बड़े मुद्दे पर साथ न देने की टीस भी उनके मन में है। इस बीच में जनता के मध्य भी वह अपनी बात रखेंगे, फिर साक्ष्यों के साथ हाईकोर्ट जाएंगे।
निकाय चुनाव में महापौर पद के लिए भाजपा ने गजराज सिंह बिष्ट को तो कांग्रेस ने ललित जोशी को अपना उम्मीदवार बनाया था। कांटे की टक्कर में जोशी चुनाव हार गए थे। कांग्रेस प्रत्याशी का तर्क है कि कई बूथों पर जब बैलेट बाक्स खुले तो मतदान के दिन पड़े कुल मतदान से ज्यादा मत गिनती में सामने आ गए। जोशी ने एक-एक बूथ का रिकॉर्ड तैयार किया है। जोशी का कहना है कि यदि महापौर चुनाव की ही तरह विधानसभा चुनाव में भी कुल पड़े मत से ज्यादा मतगणना में मत निकले तो कांग्रेस क्या करेगी। इस मुद्दे पर उन्हें लगा कि कांग्रेस विधानसभा में भी सवाल उठाएगी और संगठन स्तर पर भी आवाज बुलंद होगी। मगर ऐसा न होने पर अब उन्होंने इसी सप्ताह इस मुद्दे पर आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है।
नगर के दो दर्जन से ज्यादा बूथों के रिकॉर्ड मेरे पास हैं। बूथ नंबर 288 में 398 वोट पड़े और बीजेपी को 472 और मुझे 99 मत मिल गए। बूथ नंबर 246 पर 749 मत पड़े थे, जबकि काउंटिंग में 398 ही निकले, तो फिर बाकी मत कहां गए। बूथ 287 पर 509 मत थे, मगर 405 निकले। बूथ 243 पर 319 मत पड़े, जबकि गिनती में निकले 320, एक मत कहां से बढ़ा। बूथ संख्या 271 पर 710 मत पड़े, 718 निकले। सभी साक्ष्य मेरे पास है। अब हाईकोर्ट में वाद दाखिल किया जाएगा। इसके पहले जनता के बीच अपनी बात भी रखूंगा।
-ललित जोशी, महापौर पद पर हारे कांग्रेस प्रत्याशी