वरिष्ठ कुमाउंनी साहित्यकार मथुरादत्त मठपाल को साहित्य अकादमी भाषा सम्मान मिलने पर सामाजिक संस्थानों ने उनका अभिनंदन किया।
इस दौरान मठपाल ने कहा कि कुमाउंनी लोक भाषा को संरक्षित करने के लिये किसी भी सरकार का मोहताज होने की जरूरत नही, यह काम पहाड़ की जनता अपने संसाधानों से खुद कर सकती है।
प्रगतिशील सांस्कृतिक परिषद पैंठपड़ाव के सभागार में आयोजित समारोह में वक्ताओं ने मठपाल के सम्मान को रामनगर ही नहीं, बल्कि पूरी कुमाऊं के लिए गौरव बताया। इस कार्यक्रम का संचालन पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष गणेश रावत ने किया।
इस दौरान राज्य महिला आयोग उपाध्यक्ष अमिता लोहनी, समाज कल्याण बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष डा. धनेश्वरी घिल्डियाल, बार एसोसिएशन अध्यक्ष बालम सिंह बिष्ट, देवभूमि व्यापार मंडल के अध्यक्ष मनिंदर सिंह सेठी, यशपाल सिंह रावत, कमल बेलवाल, गिरीश मठपाल, नवेंदु मठपाल, कौशिक मिश्रा, अजय धस्माना, भूपाल सिंह रमोला, डा. सत्यप्रकाश मिश्र, संजय रिखाड़ी, अनिल तिवारी, सुमित्रा बिष्ट, पूरन पांडे, शिवसिंह रावत समेत तमाम लोगों मौजूद थे।