कभी कुमाऊंनी नथ भारीपन के लिए पहचानी जाती थी। पर फैशन और महंगाई के कारण नथ का साइज धीरे-धीरे छोटा होता गया। 2004 में सोना प्रति 10 ग्राम पांच हजार रुपये था जो इन दिनों 74 हजार पार हो गया है।
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जानकारों की मानें तो खरीदार कम होने से बाजार में सोने की डिमांड में 40 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आ गई है। विवाह होने पर ही लोग सोना खरीद रहे हैं। अन्य लोग और आभूषण पहनने के शौकीन सोने के भाव घटने का इंतजार कर रहे हैं। स्वर्णकार सोने के दाम घटने के डर से ज्यादा खरीदने से बच रहे हैं। संभवतया अगले एक-दो माह में सोना एक लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है।
बाजार में ग्राहक कम हो गए हैं। गहने बनवाने के लिए लोग सोना सस्ता होने का इंतजार कर रहे हैं। - घनश्याम रस्तोगी, होल सेलर और ग्रीन सिटी सर्राफा एंड स्वर्णकार एसोसिएशन अध्यक्ष, हल्द्वानी