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छात्र नेताओं के हंगामे के बाद कुमाऊं विवि की परीक्षाएं स्थगित

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नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय की बुधवार से हो रही परीक्षा को लेकर मंगलवार को सुबह से शाम तक हंगामा हुआ तो विवि प्रशासन को परीक्षा टालनी पड़ी। हालांकि छात्रों का एक गुट परीक्षा कराने की मांग कर धरने पर बैठ गया।
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मंगलवार को परीक्षा तिथि बढ़ाने की मांग को लेकर एबीवीपी के छात्र नेताओं ने कुविवि के प्रशासनिक भवन में कुलपति प्रो. एनके जोशी का घेराव कर हंगामा किया। हंगामे के बीच कुलपति प्रो. जोशी, कुलसचिव दिनेश चंद्र, परीक्षा नियंत्रक प्रो. एचसीएस बिष्ट, डीएसबी परिसर निदेशक प्रो. एलएम जोशी, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. देवेंद्र बिष्ट आदि ने छात्र नेताओं से वार्ता की। छात्र नेताओं का कहना था कि कोरोना संक्रमण के चलते ऑफलाइन पढ़ाई नहीं हुई है। पहले विवि ऑफलाइन पढ़ाई कराए उसके बाद परीक्षाएं। उन्होंने विवि प्रशासन पर विद्यार्थियों के मेल का जवाब न देने, घोषणा के बाद भी हेल्प डेस्क न बनाने समेत कई आरोप लगाए।
कुलपति प्रो. जोशी ने कहा कि एमबी कॉलेज में एक प्राध्यापक को ई मेल का जवाब देने की जिम्मेदारी दी जा रही है। हंगामे के बाद कुलपति ने पहली सितंबर से परीक्षा न कराने की घोषणा की।
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बाद में विवि के परीक्षा नियंत्रक ने परीक्षा स्थगित करने संबंधी पत्र सभी संबद्ध परिसरों, महाविद्यालयों व संस्थानों को भेज दिए। जैसे ही परीक्षा स्थगित होने की सूचना छात्रों को मिली डीएसबी परिसर के कई छात्र शाम करीब पांच बजे प्रशासनिक भवन जा धमके और विवि के इस फैसले का विरोध करने लगे। उनका कहना था कि परीक्षाएं तयशुदा समय पर ही होनी चाहिए। इसी मांग को लेकर उन्होंने विवि के प्रशासनिक भवन में धरना शुरू कर दिया। परीक्षा स्थगित कराने की मांग करने वालों में अल्मोड़ा छात्रसंघ अध्यक्ष दीपक उप्रेती, खटीमा के अध्यक्ष सुमित बहादुर पाल, एमबीपीजी नेता सूरज रमोला, रश्मि लमगड़िया, इशांत चौधरी, चित्रेश त्रिपाठी, शिखर भट्ट, अंश चौहान, किशन ठाकुर, अमित सिंह, आशु मेहरा, अंकित गोयल आदि मौजूद रहे। विवि के फैसले के विरोध में फैसल सलमानी, अक्षत कौशिक, गोपाल सेजवाली, लोकेश कपिल, प्रज्जवल मेहरा व यश चौधरी आदि धरने पर बैठे हुए हैं।
पुलिस देख भड़क गए छात्र नेता
नैनीताल। विवि के अधिकारियों और छात्र नेताओं की वार्ता के बीच हंगामा होते देख विवि प्रशासन ने पुलिस बुला ली। पुलिस को देख छात्र नेताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। कहा कि विवि प्रशासन ने छात्र नेताओं को अराजक तत्व मानते हुए पुलिस को बुलाया है। पुलिस को वार्ता कक्ष में आते देख छात्र नेताओं ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की।
सोशल मीडिया में खूब उड़ी खिल्ली
नैनीताल। विवि की ओर से दो विज्ञप्ति जारी होने पर सोशल मीडिया में खूब खिल्ली उड़ाई गई। छात्रों ने कहा कि समझ नहीं आ रहा कौन सी विज्ञप्ति पर यकीन किया जाए। एक परीक्षाएं कराने संबंधी थी तो दूसरी परीक्षाएं स्थगित करने वाली।
छात्रों का गुस्सा
छात्र महासंघ अध्यक्ष धनंजय बेलवाल ने कहा कि परीक्षाएं होती तो छात्र पीसीएस व अन्य भर्तियों में आवेदन कर पाते। फैसल सलमानी ने कहा कि परीक्षा स्थगित होने से छात्र अन्य विश्वविद्यालय में प्रवेश नहीं ले पाएंगे। अक्षत कौशिक के अनुसार विवि का यह फैसला गलत है।
प्रवेश प्रक्रिया भी पूर्ण नहीं हुई है। कोरोना संक्रमण के चलते विद्यार्थियों की ऑफलाइन पढ़ाई नहीं हुई। कई छात्र दूर दराज के है, जो इंटरनेट और अन्य दिक्कतों के चलते ऑनलाइन कक्षाएं नही ले सके। जब तक समस्त छात्रों को वैक्सीन नहीं लग जाती तब तक परीक्षा उचित नहीं है। कई सीमांत क्षेत्रों के छात्र आपदा के चलते फंसे हुए हैं।
- दीपक उप्रेती छात्रसंघ अध्यक्ष, अल्मोड़ा।
विद्यार्थी परिषद से जुड़े कई विद्यार्थी मंगलवार को प्रशासनिक भवन पहुंचे। इस दौरान उन्होंने छात्रों की समस्या अवगत कराई। छात्रों का कहना था कि विश्वविद्यालय से संबंध परिसर, महाविद्यालय व संस्थान के छात्रों का कोर्स पूर्ण नहीं हुआ है। छात्रों के हित को देखते हुए 1 माह के लिए परीक्षा स्थगित की गई है। बुधवार से विवि से संबद्ध सभी परिसरों महाविद्यालयों और संस्थानों कि ऑफलाइन कक्षाएं संचालित होगी।
- प्रो. एनके जोशी, कुलपति, कुमाऊं विश्वविद्यालय।
विश्विद्यालय की कभी हां, कभी न से छात्रों का नुकसान
एक ही दिन में तीन बार बदले गए आदेश
हल्द्वानी। परीक्षा को लेकर कुमाऊं विश्वविद्यालय की कभी हां और कभी न से छात्रों का ही नुकसान हो रहा है। कुविवि की स्नातक और स्नातकोत्तर अंतिम सेमेस्टर की एक सितंबर से प्रस्तावित परीक्षाओं को लेकर दिनभर हुई बैठक में कई बार फैसले लिए गए और बदले गए। बार-बार फैसले बदले जाने से कुविवि से जुड़े महाविद्यालयों के प्राध्यापक भी परेशान रहे।
स्नातक और स्नातकोत्तर अंतिम सेमेस्टर की परीक्षा को लेकर मंगलवार को विवि प्रशासन की ओर से जारी आदेश के बाद असमंजस की स्थिति पैदा हो गई। पहले विवि की ओर से आदेश जारी कर कहा गया कि एक सितंबर से प्रस्तावित परीक्षाएं एक महीने के लिए स्थगित की जाती है। इसी आदेश में एक सितंबर से महाविद्यालयों में ऑफलाइन शिक्षण शुरू कराने को कहा गया है। एमबीपीजी कालेज ने पहले ऑफलाइन शिक्षण कार्य कराने को कहा गया है। विवि की ओर से दो घंटे बाद संशोधित आदेश जारी किया गया जिसमें परीक्षा स्थगन संबंधी आदेश वापस लेते हुए परीक्षाएं एक सितंबर से ही कराने को कहा गया है। बाद में तीसरा आदेश जारी हुआ जिसमें कहा गया कि विवि की परीक्षाएं एक माह के लिए स्थगित कर दी गई हैं।
इधर, दिनभर चले नाटकीय घटनाक्रम के संबंध में पूछे जाने पर कुलसचिव दिनेश चंद्र ने सि संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
रामनगर में प्राचार्य कार्यालय में हंगामा
रामनगर (नैनीताल)। प्रथम व तृतीय वर्ष के छात्रों को उचित मानकों के साथ प्रमोट करने की मांग लेकर छात्रों ने कॉलेज में प्रदर्शन किया। एक शिक्षक की ओर से की गई टिप्पणी पर भड़के छात्र प्राचार्य कार्यालय में घुस गए और वहीं बैठकर नारेबाजी करने लगे। इस पर प्राचार्य कार्यालय से बाहर आ गए। छात्रों का प्रदर्शन साढ़े तीन घंटे चला।
मंगलवार सुबह 11 बजे छात्र संघ अध्यक्ष अमितपाल सिंह रावत के नेतृत्व में छात्र मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान परीक्षा नियंत्रक की छात्रों से नोकझोंक हुई, जिस पर छात्र प्राचार्य प्रो. एमसी पांडेय केे कार्यालय में घुसकर नारेबाजी करने लगे। प्राचार्य से परीक्षा नियंत्रक से शिकायत की और कार्यालय में धरने पर बैठ गए। करीब साढ़े तीन घंटे बाद छात्रों ने कुलपति के नाम एक ज्ञापन प्राचार्य को सौंपा।
धरना समाप्त करने के बाद आक्रोशित छात्रों ने उच्च शिक्षा मंत्री का कॉलेज के गेट पर पुतला फूंका। इस दौरान छात्र संघ अध्यक्ष अमित पाल सिंह रावत, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष सुमित लोहनी, विकास आर्या, ललित कडाकोटी, मुकेश, सलमान सलमानी, गौरव हालसी, विशाल रावत, निकेश बधानी आदि मौजूद रहे।
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