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किताबों, फाइलों व कक्षाओं तक सीमित न रहे ज्ञान, शिक्षा और शोध: राज्यपाल

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नैनीताल के डीएसबी परिसर में 17वें दीक्षांत समारोह में प्रो. कुलपति एनके जोशी व कुलसचिव दिनेश चंद्? - फोटो : NAINITAL
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नैनीताल। राज्यपाल और कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने कहा है कि ज्ञान किताबों तक सीमित न रहे। शिक्षा कक्षाओं तक सीमित न रहे, शोध-अनुसंधान और परियोजनाएं फाइलों में ही सिमटकर न रह जाएं बल्कि यह कार्य लोगों की आजीविका और जीवन शैली को उन्नत, सरल और सुगम बनाने के काम में आएं। वह शुक्रवार को यहां डीएसबी परिसर में कुमाऊं विश्वविद्यालय के सत्रहवें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे।
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कुलाधिपति के साथ ही उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने स्नातक और स्नातकोत्तर परीक्षा पास कर चुके 58 हजार 640 विद्यार्थियों की उपाधियां जारी कीं। कुलाधिपति ने 410 विद्यार्थियों को पीएचडी, 115 को गोल्ड मेडल, पांच विद्यार्थियों को नकद पुरस्कार, डॉ. सूरज सिंह को संस्कृत और डॉ. विनय कांडपाल को प्रबंधन में डीलिट, डॉ. चंद्रशेखर को वनस्पति विज्ञान में डीएससी की उपाधि प्रदान की। इससे पहले राज्यपाल और शिक्षा मंत्री ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया।
राज्यपाल ने कहा कि माता-पिता और गुरु व्यक्तित्व को आकार देते हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना संकट की कठिन चुनौतियों के बावजूद विश्वविद्यालय का कई उपलब्धियां प्राप्त करना प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का प्रयोग कक्षा से बाहर, गांवों और खेत खलिहानों तक हो। उन्होंने उम्मीद जताई कि मेधावी विद्यार्थी स्वयं, परिवार और समाज के लिए पथप्रदर्शक बनेंगे।
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नई शिक्षा नीति का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने ज्ञान को कौशल से, नए को प्राचीन से, विज्ञान को कलाओं से, भाषा को विषयों और ग्लोबल को लोकल से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के साथ साथ पर्यटन गतिविधियों का विस्तार कर स्थानीय लोगों की आजीविका बढ़ाने पर जोर दिया।
कुमाऊं विवि को देंगे दस हजार नई पुस्तकें : शिक्षामंत्री
कहा, विद्यार्थी मन लगाकर पढ़ें, उनकी हर दिक्कत की जाएगी दूर
माई सिटी रिपोर्टर
नैनीताल। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा है कि वह कुमाऊं विश्वविद्यालय को दस हजार नई पुस्तकें उपलब्ध कराएंगे। पुस्तकालय संबंधी अन्य समस्याओं का समाधान कराएंगे और जरूरत के मुताबिक कंप्यूटर दिलाएंगे।
शिक्षा मंत्री कुमाऊं विवि के सत्रहवें दीक्षांत समारोह में विशिष्ट अतिथि के तौर पर विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे। दीक्षांत समारोह के सफल आयोजन के लिए सभी को बधाई देते हुए उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वह मन लगाकर पढ़ाई करें सरकार उनकी हर दिक्कत को हल करेगी।
इससे पूर्व कुलपति प्रो. एनके जोशी ने कुलाधिपति और शिक्षा मंत्री समेत सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए पिछले दो वर्षों के दौरान विवि को मिली उपलब्धियों की जानकारी दी। इस मौके पर राज्यपाल की पत्नी और बेटी के अलावा, विधायक सरिता आर्या, उत्तराखंड मुक्त विवि के कुलपति प्रो.ओपी सिंह, आयुर्वेद विवि के कुलपति प्रो. सुनील जोशी, कुविवि के कुलसचिव दिनेश चंद्रा, कुवि
विवि कार्यपरिषद सदस्य सुरेश डालाकोटी, कैलाश जोशी, प्रकाश पांडे, अरविंद पडियार, परिसर निदेशक प्रो. एलएम जोशी, प्रो.आरके पांडे, प्रो.एबी मेलकानी, प्रो.पीसी कविदयाल, डॉ. गिरीश रंजन तिवारी, क्रीड़ाधिकारी डॉ. नागेंद्र शर्मा, परीक्षा नियंत्रक प्रो. एचसीएस बिष्ट, प्रो.ललित तिवारी, डॉ. रितेश साह, डॉ. युगल जोशी, प्रो.एनजी साहू, डॉ. विजय कुमार समेत जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल, एसएसपी पंकज भट्ट, एसडीएम प्रतीक जैन आदि मौजूद थे।
शोभायात्रा रही आकर्षण का केंद्र
नैनीताल। दीक्षांत समारोह के शुभारंभ से पहले शैक्षिक शोभायात्रा निकाली गई जो आकर्षण का केंद्र रही। एएन सिंह सभागार के बाहर से शुरू हुई शोभायात्रा सभागार के भीतर से कतारबद्ध होते हुए निकाली गई। सभागार में मौजूद एनसीसी कैडेट ने शोभायात्रा में शामिल शोधार्थियों, प्राध्यापकों व शिक्षकों का ताली बजाकर स्वागत किया। शोभायात्रा में शामिल सभी लोग विशिष्ट वेशभूषा में नजर आए। इससे पूर्व डीएसबी परिसर में पहुंचने पर राज्यपाल गुरमीत सिंह को एनसीसी कैडेटों ने गार्ड आफ ऑनर दिया।

नैनीताल के डीएसबी परिसर में 17वें दीक्षांत समारोह में संबोधित करते ले.ज. गुरमीत सिंह।- फोटो : NAINITAL

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