राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति विजेंद्र जैन ने कहा कि जनता को अपने अधिकारों के लिए जागरूक होना पड़ेगा, तभी मानवाधिकार हनन के मामलों में कमी आएगी। न्यायमूर्ति जैन मंगलवार को गैस गोदाम रोड स्थित नगर पालिका के आडिटोरियम में ‘मानवाधिकार संवेदीकरण’ कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कुशासन ही मानवाधिकार उल्लंघन का सबसे बड़ा कारण है। विश्व में अमेरिका और यूरोप के देशो में मानवाधिकार उल्लंघन के मामले कम होने की वजह वहां की जनता की जागरूकता ही है। एशिया में अभी जागरूकता का अभाव है। पालिकाध्यक्ष मोहम्मद अकरम ने कहा कि इसके लिए समय-समय पर अभियान चलाने की जरूरत है। सिंचाई विभाग की सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष पुष्कर दुर्गापाल ने कहा कि महिलाआें के प्रति सोच को बदलना होगा। आंदोलनकारी प्रभात ध्यानी ने कंडी मार्ग समेत अन्य मामले उठाए। आयोग की सदस्य डा. हेमलता ढौंडियाल ने आयोग की कार्यशैली के बारे में अवगत कराते हुए जनता से अपनी शिकायतें सीधे आयोग को भेजने की अपील की। कार्यशाला का संचालन एमपी इंटर कालेज के अध्यापक संजय गुप्ता ने किया।
इस मौके पर निबंधक एसके गुप्ता, एसडीएम एसएस जंगपांगी, तहसीलदार नंदनराम आर्य, पुलिस क्षेत्राधिकारी मिथलेश कुमार, ईओ नगर पालिका मनोजदास, मुनीष कुमार, बाबर खान, सुमित तिवारी, गबर सिंह बिष्ट, अतुल अग्रवाल, जगमोहन बिष्ट, मोहन फर्त्याल, भूपेंद्र खाती, छात्रसंघ अध्यक्ष हेमंत रावत के अलावा विद्युत विभाग के अमित कटारिया, कार्बेट टाइगर रिजर्व के सतीश उपाध्याय के साथ अन्य विभागो के अधिकारी मौजूद रहे। कार्याशाल के बाद कई राजनैतिक, सामाजिक लोगों ने आयोग के अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपे।