इसी दिन दोनों पक्षों में हुई थी मारपीट, 15 को दर्ज हुआ था मुकदमा
किच्छा। किच्छा के दरऊ में चुनावी रंजिश की चिंगारी पांच दिन पहले से सुलह रही थी। इसी दिन दोनों पक्षों में मारपीट हुई थी। इसके तीन दिन बाद हत्या के आरोपी रेहान पक्ष ने मृतक के परिवार और उससे जुड़े लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया था।
रेहान खां निवासी ग्राम दरऊ ने 16 अगस्त को किच्छा कोतवाली में तहरीर देकर बताया था कि रेहान खां पक्ष और उनके परिवार के बीच 13 अगस्त को मारपीट हुई थी। वह अपने भाई फैजान खां, गुलनवाज, तौसीफ, शाहिद खां के साथ मारपीट की शिकायत करने कोतवाली किच्छा लौट रहे थे। रात करीब 8:20 बजे दरऊ चौराहे पर उनकी कार के आगे से सफेद रंग के वाहन में सवार आलिम खां ने रास्ता रोक लिया। इकराम खां, समी खां, आदिल खां, आदीब और अज्ञात लोगों ने पीछे से एक कार लगा दी। उनकी कार को रोककर फायरिंग की गई। आरोपियों ने लाठी-डंडों से गाड़ी में तोड़फोड़ की। सभी बड़ी मुश्किल से जान बचाकर भागे। इस मामले में पुलिस ने मृतक पक्ष के पांच नामजद और अज्ञात पर मुकदमा दर्ज किया था। इसी के बाद दोनों पक्षों में विवाद बढ़ गया और सोमवार को वारदात ने बड़ा रूप ले लिया।
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40 मिनट अराजकता की जद में रहा दरऊ
दोनों पक्षों की रंजिश के विवाद से दरऊ गांव करीब 40 मिनट अराजकता की जद में रहा। यहां आधे घंटे से अधिक समय तक फायरिंग होती रही। 30 राउंड से अधिक फायरिंग के बाद आसपास के लोग घरों में दुबक गए। बाकी लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते रहे। दुकानदार भी शटर गिराकर भाग निकले। जब अराजकता फैलाने वाले आरोपी वहां से फरार हो गए तब अफसर पुलिस के साथ पहुंचे। वारदात के बाद गांववाले मुंह खोलने को तैयार नहीं थे।
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मृतक के परिवार में थीं केवल महिलाएं, बहन छोड़ने की लगाती रही गुहार
सूत्रों के अनुसार दरऊ में विवाद के मृतक अलीम खां उर्फ भोला (19) समय घर में केवल महिलाएं थीं। जब अलीम भागकर घर की तरफ पहुंचा तो घर की महिलाएं चीत्कार उठीं। इसी बीच करीब 15-20 आरोपी वहां पहुंच गए। बहन मीना आरोपियों से भाई को छोड़ देने की गुहार लगाने लगी। महिलाएं भी रो-रोकर उसे छोड़ देने की मिन्नतें करतीं रहीं, लेकिन आरोपियों ने अलीम के सीने में सटाकर गोली मार दी तो वह मौके पर ही निढाल हो गया।