हल्द्वानी। नदी बहती हुई ही अच्छी लगती है, नदी का किसी से कोई संबंध नहीं होता। इसी तरह धर्म पताका लेकर चलने वाले साधु संत भी अच्छे लगते हैं। यह बात कृष्णगिरी पीठाधीश्वर वसंत विजयानंद गिरी महाराज ने एमबी इंटर कॉलेज में चल रहे देवी भागवत में कही।
महाराज ने कहा कि व्यक्ति को वर्तमान में जीना चाहिए और वर्तमान का ही विवेक रखना चाहिए, तभी उज्ज्वल भविष्य बनेगा। कहा कि सांसारिक व्यक्ति कितना जीता है यह मायने नहीं रखता वह कैसे जीता है यह मायने रखता है। ज्ञानियों में सर्वश्रेष्ठ संस्कारी बलशाली के रूप में प्रभु राम की सेवा भक्ति का सबसे बड़ा उदाहरण केसरी नंदन को ही कहा जाता है।
इस दौरान सामूहिक रूप से संगीतमय हनुमान चालीसा का पाठ हुआ। आयोजक प्रमुख हेमंत पांडे, विधायक सुमित हृदयेश, दीपक बल्यूटिया, अश्विन सेमलानी, दिनेश पांडे, प्रमोद पांडे, पंकज पांडे, नरेश साजवानी आदि मौजूद रहे।