कालाढूंगी विधानसभा का चुनाव भाजपा और कांग्रेस के लिए विकास के मुद्दों से बढ़कर प्रत्याशियों के चेहरों पर निर्भर होगा। कांग्रेस प्रत्याशी का चेहरा ही तय करेगा सीट किसकी झोली में गिरेगी। लिहाजा, प्रत्याशी के चयन में भाजपा से ज्यादा दुविधा कांग्रेस के लिए खड़ी हो सकती है।
भाजपा और कांग्रेस से अब तक चार-चार प्रबल दावेदार हैं। कालाढूंगी विकास मंच भी भाजपा और कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ाने के साथ मुकाबले को त्रिकोणीय बनाएगा।
कालाढूंगी विधानसभा 2012 में पहली बार अस्तित्व में आई। इससे पहले यह क्षेत्र नैनीताल, भीमताल, रामनगर और हल्द्वानी विधानसभाओं में बंटा था। पहले ही चुनाव में भाजपा के बंशीधर भगत विधायक कालाढूंगी से निर्वाचित हुए।
बंशीधर भगत कांग्रेस प्रत्याशी प्रकाश जोशी से करीब मात्र दो हजार वोटों से जीते थे। कांग्रेस से बगावत कर महेश शर्मा निर्दलीय 11 हजार वोटों के साथ तीसरे नंबर पर रहे थे। महेश शर्मा निर्दलीय मैदान में नहीं होते तो परिणाम पलट सकते थे, क्योंकि भगत के जीत का अंतर ज्यादा नहीं था।
बसपा के दीवान सिंह बिष्ट और निर्दलीय भूपेंद्र सिंह ने भी चुनाव को रोचक बना दिया था। कालाढूंगी सीट में करीब 65 फीसदी मतदाता हल्द्वानी क्षेत्र से हैं।
2017 में भी कालाढूंगी का चुनाव भाजपा और कांग्रेस के लिए बेहद नजदीकी होगा। कालाढूंगी विकास मंच के संयोजक महेश शर्मा भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराएंगे। इस लिहाज से चुनाव जीतने के लिए भाजपा और कांग्रेस में प्रत्याशी का चेहरा अहम रोल निभाएगा।
खासकर, कांग्रेस के लिए प्रत्याशी प्रोजेक्ट करने में मुश्किलें ज्यादा झेलनी होंगी। दावेदारों की सूची में अब तक भाजपा से मौजूदा विधायक बंशीधर भगत के अलावा भाजपा प्रदेश महामंत्री गजराज बिष्ट, हरेंद्र दरम्वाल, तारा
पांडे और दीवान सिंह बिष्ट प्रबल दावेदार हैं।
कांग्रेस से 2012 में चुनाव लड़ चुके प्रकाश जोशी, लालकुआं दुग्ध संघ के अध्यक्ष संजय किरौला, कालाढूंगी नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन दीप सती और ब्लाक प्रमुख भोला भट्ट प्रमुख दावेदार हैं। यहां प्रयाग भट्ट भी सक्रिय रहे हैं।
भाजपा से बंशीधर भगत की दावेदारी सबसे मजबूत होगी, क्योंकि वह मौजूदा विधायक होने के साथ ही उत्तराखंड ही नहीं बल्कि तत्कालीन उत्तरप्रदेश सरकार में भी कैबिनेट मंत्री पद पर रह चुके हैं। कांग्रेस से दावेदारों में प्रकाश जोशी सबसे आगे हैं। दोनों ही दलों में प्रत्याशियों के चेहरों के हिसाब से परिणाम बदल सकते हैं।