पिथौरागढ़। इंतजार खत्म हुआ और पांच साल बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा शुरू हो गई। आज यात्री पिथौरागढ़ पहुंचे। पहले दल में शामिल 45 यात्रियों का छोलिया नृत्य और कुमाऊंनी गीतों से स्वागत हुआ।
छोलिया दल के साथ यात्री भी जमकर थिरके। दिन का भोजन करने के बाद यात्री भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए धारचूला के लिए रवाना हुए। यात्रियों को पहाड़ी व्यंजन परोसे गए। उन्होंने भट की चुड़कानी और झिंगोरे की खीर का स्वाद लिया। यात्रा को लेकर यात्रियों में खासा उत्साह नजर आया। कैलाश मानसरोवर यात्रियों का पहला दल जिला मुख्यालय पहुंचा। इसमें 45 यात्री शामिल हैं।
टीआरसी में उनका छोलिया नृत्य के साथ फूलमाला पहनाकर स्वागत किया गया। सीडीओ डॉ. दीपक सैनी, आईटीबीपी के कमांडेंट राम भरत कुशवाहा, 119 ब्रिगेड के ब्रिगेडियर गौतम पठानिया, एसडीएम सदर मनजीत सिंह सहित अन्य अधिकारी उनके स्वागत में मौजूद रहे। यात्रियों ने छोलिया दल के साथ ढोल-नगाड़ों और मशकबीन की धुन पर जमकर नृत्य किया।
उनके स्वागत में प्रसिद्ध लोकगायक प्रकाश रावत ने कुमाऊंनी गीत पेश किए। यात्रियों की थकान मिटाने के लिए बुरांश का जूस पिलाया गया। यात्रियों ने जूस की खूब तारीफ की। कुछ देर विश्राम करने के बाद यात्रियों को दिन का भोजन कराया गया। इसमें उन्हें पहाड़ी व्यंजन परोसे गए। भट्ट की चुड़कानी, झिंगोरे की खीर, गहत के डुबके यात्रियों को खूब भाए और इन्होंने इनका जमकर लुत्फ उठाया।
भोजन के बाद यात्री धारचूला के लिए रवाना हुए। रवाना होते हुए यात्रियों ने कहा कि वे लंबे समय से यात्रा शुरू होने का इंतजार कर रहे थे। यह उनका सौभाग्य है कि पहले दल में ही उनका नाम शामिल हुआ।
दल का नेतृत्व कर रहे आईजी संजय गुंज्याल ने कहा कि पांच साल बाद फिर से कैलाश मानसरोवर यात्रा शुरू होना ऐतिहासिक है। केंद्र और प्रदेश सरकार ने यात्रा शुरू कर सीमांत के पर्यटन को बढ़ाने का ऐतिहासिक कदम उठाया है। उन्होंने बताया कि दल में 32 पुरुष और 13 महिला यात्री शामिल हैं।